14 अप्रैल से लागू होगी मोदी सरकार की 'मेगा मेडिकल स्कीम', 15 बड़ी बातें

केंद्र सरकारी की एक और महत्वपूर्ण योजना 14 अप्रैल 2018 से लागू होने जा रही है। ये योजना लोगों के बीच 'मोदी केयर' नाम से भी फेमस है। बजट के दौरान वित्तमंत्री नें देश भर में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का एलान किया था, जिसे 21 मार्च 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वीकृत कर दिया था। 14 अप्रैल को इस योजना को शुरु किया जाएगा। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का पूरा नाम आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन (AB-NHPM) है। पीएम मोदी इस योजना को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर से शुरु करेंगे। आइए जानते हैं कि ये क्या योजना है, इससे लोगों को कैसे लाभ मिलेगा और इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया क्या है, जानते हैं इस योजना से जुड़ी 11 बड़ी बातों के बारे में।

अयुष्‍मान मिशन

अयुष्‍मान मिशन

इस योजना में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अयुष्‍मान मिशन के अंतर्गत केन्‍द्रीय क्षेत्र के सभी मामले शामिल हैं। इस योजना में प्रति वर्ष प्रति परिवार को 5 लाख रुपये का लाभ प्रदान किया गया है। इस योजना से 10 करोड़ से अधिक परिवार लाभांवित होंगे। यह परिवार SECC डाटा बेस पर आधारित गरीब और कमजोर आबादी के होंगे। एबी-एनएचपीएम में चालू केन्‍द्र प्रायोजित योजनाओं-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (आरएसबीवाई) तथा वरिष्‍ठ नागरिक स्‍वास्‍थ्य बीमा योजना (एससीएचआईएस) समाहित होंगी।

1-हर साल मिलेगा 5 लाख रुपए का कवर AB-NHPM

1-हर साल मिलेगा 5 लाख रुपए का कवर AB-NHPM

इस योजना में प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का लाभ प्रदान होगा। इस कवर में सभी द्वितीयक और तृतीयक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की प्रक्रियाएं शामिल हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई व्‍यक्ति (महिलाएं, बच्‍चे एवं वृद्धजन) छूट न जाए, इसलिए योजना में परिवार के आकार और आयु पर किसी तरह की सीमा नहीं होगी। लाभ कवर में अस्‍पताल में दाखिल होने से पहले और दाखिल होने के बाद के खर्च शामिल किए जाएंगे। बीमा पॉलिसी के पहले दिन से सभी शर्तों को कवर किया जाएगा। लाभार्थी को हर बार अस्‍पताल में दाखिल होने पर परिवहन भत्‍ते का भी भुगतान किया जाएगा।

2-देश के किसी भी सरकार अस्‍पताल से उठा सकते हैं लाभ

2-देश के किसी भी सरकार अस्‍पताल से उठा सकते हैं लाभ

इस योजना का लाभ पूरे देश में मिलेगा और योजना के अंतर्गत कवर किये गये लाभार्थी को पैनल में शामिल देश के किसी भी सरकारी/निजी अस्‍पताल से कैशलेस लाभ लेने की अनुमति होगी।

3-16 से 59 वर्ष की आयु के बीच के हर व्‍यक्ति को मिलेगा लाभ

3-16 से 59 वर्ष की आयु के बीच के हर व्‍यक्ति को मिलेगा लाभ

AB-NHPM पात्रता आधारित योजना होगी और पात्रता SECC डाटा बेस में वंचन मानक के आधार पर तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्‍न श्रेणियों में ऐसे परिवार शामिल हैं जिनके पास कच्‍ची दीवार और कच्‍ची छत के साथ एक कमरा हो, ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है, ऐसे परिवार जिसकी मुखिया महिला है और जिसमें 16 से 59 आयु के बीच का कोई व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है, ऐसा परिवार जिसमें दिव्‍यांग सदस्‍य है और कोई शारीरिक रूप से सक्षम व्‍ययस्‍क सदस्‍य नहीं है, अजा/जजा परिवार, मानवीय आकस्मिक मजूदरी से आय काबड़ा हिस्‍सा कमाने वालेभूमिहीन परिवार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार स्‍वत: शामिल किये गये हैं जिनके रहने के लिए छत नहीं है,निराश्रित, खैरात पर जीवन यापन करने वाले, मैला ढोने वाले परिवार, आदिम जनजाति समूह, कानूनी रूप से मुक्‍त किए गये बंधुआ मजदूर हैं।

4-सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्‍पतालों में मिलेगा लाभ

4-सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्‍पतालों में मिलेगा लाभ

लाभार्थी पैनल में शामिल सरकारी और निजी दोनों अस्‍पतालों में लाभ ले सकेंगे। एबी-एनएचपीएम लागू करने वाले राज्‍यों के सभी सरकारी अस्‍पतालों को योजना के लिए पैनल में शामिल समझा जाएगा। कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम (ESIC) से जुड़े अस्‍पतालों को भी बिस्‍तर दाखिला अनुपात मानक के आधार पर पैनल में शामिल किया जा सकता है। निजी अस्‍पताल परिभाषित मानक के आधार पर ऑनलाइन तरीके से पैनल में शामिल किए जाएंगे।

5-पैकेज के आधार पर होगा इलाज

5-पैकेज के आधार पर होगा इलाज

लागत को नियंत्रित करने के लिए पैकेज दर के आधार पर इलाज के लिए भुगतान किया जाएगा। पैकेज दर में इलाज से संबंधित सभी लागत शामिल होंगी। लाभार्थियों के लिए यह कैशलेस और पेपरलेस लेनदेन होगा। राज्‍य विशेष की आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखते हुए राज्‍यों के पास इन दरों में सीमित रूप से संशोधन का लचीलापन होगा।

6-हर राज्‍य में लागू होगी योजना

6-हर राज्‍य में लागू होगी योजना

एबी-एनएचपीएम का एक प्रमुख सिद्धांत सहकारी संघवाद और राज्‍यों को लचीलापन देना है। इसमें सह-गठबंधन के माध्‍यम से राज्‍यों के साथ साझेदारी का प्रावधान है। इसमें वर्तमान स्‍वास्‍थ्‍य बीमा/केन्‍द्रीय मंत्रालयों/विभागों तथा राज्‍य सरकारों (उनकी अपनी लागत पर) की विभिन्‍न सुरक्षा योजनाओं के साथ उचित एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए राज्‍य सरकारों को एबी-एनएचपीएम के विस्‍तार की अनुमति होगी। योजना को लागू करने के तौर तरीकों को चुनने में राज्‍य स्‍वतंत्र होंगे। राज्‍य बीमा कंपनी के माध्‍यम से या प्रत्‍यक्ष रूप से ट्रस्‍ट/सोसायटी के माध्‍यम से या मिले जुले रूप में योजना लागू कर सकेंगे।

7-नीति आयोग करेगा अध्‍यक्षता

7-नीति आयोग करेगा अध्‍यक्षता

नीति निर्देश देने एवं केन्‍द्र और राज्‍यों के बीच समन्‍वय में तेजी लाने के लिए शीर्ष स्‍तर पर केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री की अध्‍यक्षता में आयुष्‍मान भारत राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन परिषद (AB-NHPM) गठित करने का प्रस्‍ताव है। इसमें एक आयुष्‍मान भारत राष्‍ट्रीय, स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन गवर्निंग बोर्ड (एबी-एनएचपीएमजीबी) बनाने का प्रस्‍ताव है, जिसकी अध्‍यक्षता संयुक्‍त रूप से सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण) तथा सदस्‍य (स्‍वास्‍थ्‍य), नीति आयोग द्वारा की जाएगी।

8-राज्‍य स्‍वास्‍थय एजेंसी लागू करेगी योजना

8-राज्‍य स्‍वास्‍थय एजेंसी लागू करेगी योजना

योजना को लागू करने के लिए राज्‍यों को राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी (एसएचए) की जरूरत होगी। योजना को लागू करने के लिए राज्‍यों के पास एसएचए रूप में वर्तमान ट्रस्‍ट/सोसायटी/अलाभकारी कंपनी/राज्‍य नोडल एजेंसी के उपयोग करने का विकल्‍प होगा या नया ट्रस्‍ट/सोसायटी/अलाभकारी कंपनी/राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी बनाने का विकल्‍प होगा। जिला स्‍तर पर भी योजना को लागू करने के लिए ढांचा तैयार करना होगा।

9-डायरेक्‍ट व्‍यक्ति के खाते में ट्रांसफर होंगे पैसे

9-डायरेक्‍ट व्‍यक्ति के खाते में ट्रांसफर होंगे पैसे

यह सुनिश्चित करने के लिए कि धन एसएचए तक समय पर पहुंचे एबी-एनएचपीएमए के माध्‍यम से केन्‍द्र सरकार की ओर से राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसियों को पैसे का ट्रांसफर प्रत्‍यक्ष रूप से निलंब खाते से किया जा सकता है। दिए गए समय सीमा के अन्‍दर राज्‍य को बराबर के हिस्‍से का अनुदान देना होगा।

10-पेपरलेश और कैशलेस ट्रांजेक्‍शन को मिलेगा बढ़ावा

10-पेपरलेश और कैशलेस ट्रांजेक्‍शन को मिलेगा बढ़ावा

नीति आयोग के साथ साझेदारी में एक मजबूत, अन्‍तर संचालन आईटी प्‍लेटफार्म चालू किया जाएगा, जिसमें कागज रहित, कैशलेस लेनदेन होगा। इससे संभावित दुरूपयोग की पहचान/धोखेबाजी और दुरूपयोग रोकने में मदद मिलेगी। इसमें सुपरिभाषि‍त शिकायत समाधान व्‍यवस्‍था होगी। इसके अतिरिक्‍त नैतिक खतरों (दुरूपयोग की संभावना) के साथ इलाज पूर्व अधिकार को अनिवार्य बनाया जाएगा।

11-हर व्‍यक्ति तक लाभ पहुंचाने की योजना

11-हर व्‍यक्ति तक लाभ पहुंचाने की योजना

यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह योजना वांछित लाभार्थियों तथा अन्‍य हितधारकों तक पहुंचे, एक व्‍यापक मीडिया तथा आउटरिच रणनीति विकसित की जाएगी, जिसमें अन्‍य बातों के अलावा प्रिंट मीडिया, इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म, पारंपरिक मीडिया, आईईसी सामग्री तथा आउटडोर गतिविधियां शामिल हैं।

12-आयुष्‍मान भारत योजना का प्रमुख प्रभाव

12-आयुष्‍मान भारत योजना का प्रमुख प्रभाव

  • आबादी के लगभग 40 प्रतिशत को बढ़ा हुआ लाभ कवर सभी द्वितीयक और तृतीयक अस्‍पताल कवर किए जाएंगे।
  • प्रत्‍येक परिवार के लिए पांच लाख का कवरेज (परिवार के आकार पर कोई प्रतिबंध नहीं)।
  • इससे गुणवत्‍ता संपन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा सुविधा तक पहुंच बढ़ेगी।
  • वित्‍तीय संसाधनों की कमी के कारण आबादी की पूरी नहीं की गई आवश्‍यकताएं पूरी होंगी।
  • इससे समय पर इलाज होगा, स्‍वास्‍थ्‍य परिणामों में सुधार होगा,
  • रोगी की संतुष्टि होगी,
  • उत्‍पादकता और सक्षमता में सुधार होगा,
  • रोजगार सृजन होगा और इसके परिणाम स्‍वरूप जीवन की गुणवत्‍ता सुधरेगी।
  • 13-प्रीमियम भुगतान

    13-प्रीमियम भुगतान

    प्रीमियम भुगतान में होने वाले खर्च वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्दिष्‍ट अनुपात में केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों द्वारा साझा किए जाएंगे। उन राज्‍यों में जहां बीमा कंपनियों के माध्‍यम से एबी-एनएचपीएम लागू किए जाएंगे वहां कुल व्‍यय वास्‍तविक बाजार निर्धारित प्रीमियम भुगतान पर निर्भर करेगा। जिन राज्‍यों केन्‍द्र शासित प्रदेशों में ट्रस्‍ट/सोसायटी के माध्‍यम से योजना लागू की जाएगीउन राज्‍यों में वास्‍तविक खर्च या प्रीमियम सीमा (जो भी कम हो) पूर्व निर्धारित अनुपात में केन्‍द्रीय धन उपलब्‍ध कराया जाएगा।

    14- किसे मिलेगा लाभ

    14- किसे मिलेगा लाभ

    लाभार्थियों की संख्‍या एबी-एनएचपीएम 10.7 करोड़ गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों तथा ग्रामीण और शहरी दोनों को कवर करने वाले सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) के नवीनतम डाटा के आधार के अनुसार शहरी श्रमिकों की चिन्हित व्‍यावसायिक श्रेणी को लक्षित करेगा। यह योजना गतिशील और आकांक्षी रूप में बनाई गई है और योजना एसईसीसी डाटा में भविष्‍य में होने वाले अलगाव/ समावेशन और वंचन को ध्‍यान में रखेगी।

    15- कवर किये गये राज्‍य/जिले

    15- कवर किये गये राज्‍य/जिले

    एबी-एनएचपीएम सभी लक्षित लाभार्थियों को कवर करने के उद्देश्‍य से सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में प्रारंभ किया जाएगा।

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