वर्तमान सरकार के अंतरिम पूर्ण बजट को प्रस्तुत करने में वित्त मंत्री अरुण जेटली को मात्र 6 दिन बचे हैं। 1 फरवरी को एक बार फिर वो बजट पेश करने से पहले एक खास ब्रीफकेस के साथ लोकसभा के बाहर लोगों और मीडिया के सामने पोज देते आपको दिखाई देतें हैं। तो चलिए जानते हैं कि इस ब्रीफकेस की आखिर कहानी क्या है और बजट से इसका कितना रिश्ता है।
बजट का मतलब
बजट शब्द फ्रांसीसी शब्द "बोगेट्टे" से लिया गया है आप में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे कि इस शब्द का मतलब क्या है? तो आपको बता दें कि इसका मतलब है छोटा बैग। जिसमें की सरकार का राजस्व और व्यय व्याप्त होता है।
ब्रीफकेस की कहानी
पूरे बजट की प्रक्रिया हमें ब्रिटिश सरकार द्वारा सौंपी गई है, और ब्रीफकेस ले जाने की यह परंपरा भी उन्हीं की थी, लेकिन यहां जानने लायक दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन में एक बजट ब्रीफकेस है जो एक वित्त मंत्री से दूसरे के पास जाता है। लेकिन भारत के बजट के साथ ऐसा मामला नहीं है। भारत के विभिन्न वित्त मंत्रियों ने विभिन्न ब्रीफकेस उठाए हैं - कभी लाल मखमली, कभी काला तो कभी कोई कलर।
हमेशा एक जैसा नहीं था ब्रीफकेस
खैर, हम यह नहीं कह सकते कि भारत में हमेशा एक जैसा ब्रीफकेस दिखा। 1947 में पहला बजट पेश किया गया था, तो भारत के पहले वित्त मंत्री आरके शानमुखम चेट्टी ने चमड़े के पोर्टफोलियो बैग को ले लिया था। तो वहीं टी टी कृष्णमाचारी ने एक फाइल बैग ले लिया। यह 70 के दशक के बाद ही था, जब वित्त मंत्रियों ने क्लासिक हार्डटॉप अटैच केस लेना शुरू किया था।
इन मंत्रियों ने लिए ऐसे ब्रीफकेस
विभिन्न वित्त मंत्रियों ने विभिन्न प्रकार के बजट ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया था। जब यशवंत सिन्हा के ब्रीफकेस में बक्से और पट्टियां थीं, तो मनमोहन सिंह ने ब्रीफकेस लिया जो विलियम ईवार्ट ग्लैडस्टोन के ब्रीफ़केस जैसा था, केवल काले रंग का रंग था। सबकी आंखे तब चौंधिया गईं जब प्रणब मुखर्जी ने अपने वित्त वर्ष में लाल-वेलवेट कलर का ब्रीफकेस लिया यह पूरी तरह से ब्रिटिश समकक्षों जैसा था।
ब्रीफकेस में छुपी होती है देश की संपूर्ण अर्थव्यवस्था
ब्रीफकेस ले जाने की परंपरा जिसे कि हमने अंग्रेजों से अपनाया गोपनीयता का एक प्रतीक थी। एक ऐसा केस जो कि ऐसे गोपनीय वित्तीय दस्तावेज को अपने अंदर रखता है जो कि आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को निर्धारित करता है। लेकिन, यह वाकई विलियम ईवार्ट ग्लैडस्टोन के भाषणों की वजह से अस्तित्व में आया था क्योंकि उन्हें अपने पांच घंटे के भाषण में जरुरी दस्तावेजों को रखने के लिए एक ब्रीफकेस की आवश्कता हुई थी।
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