आप सब जानते हैं कि साल 2018 का आम बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है। बजट के पेश होने से पहले ही तमाम प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में आपको बजट से संबंधित पुराने किस्से और कहानिंयां पढ़ने को मिल रही होंगी। तो चलिए आज हम भी आपको ऐसे ही एक रोचक तथ्य को बताते हैं। वैस तो इस बार से रेल बजट अलग से पेश नहीं किया जाएगा। परन्तु आपको यहां पर बताएंगे कि वह शख्स कौन है जिसने भारत में रेल बजट सबसे ज्यादा बार पेश किया है। तो वो शख्स हैं बाबू जगजीवन राम।
बाबू जगजीवन राम
ये वो रेलवे मंत्री थे जिन्होंने सबसे ज्यादा यानी कि 7 बार रेलवे बजट पेश किया था। इसके बाद दूसरा स्थान है लालू यादव का जिन्होंने 6 बार रेलवे बजट एक रेल मंत्री के तौर पर पेश किया। जगजीवन राम को अब उनकी पुत्री मीरा कुमार जो कि लोकसभा की पहली महिला स्पीकर रह चुकी हैं के नाम से भी जाना जाता है।
रेलमंत्री के तौर पर किए कई बड़े काम
जगजीवन राम ने अपने जीवन काल में एक रेल मंत्री के तौर पर कई बड़े-बड़े काम किए। इनके कार्यकाल में मोकामा, बिहार में गंगा नदी पर पुल समय से 8 महीने पहले ही बनकर तैयार हो गया। इसके अलावा भी वो उत्तर-पूर्वी भारत में कई नदियों पर रेल पुल बनवाएं। 5 ऐसे आम बजट जिन्होंने बदल दी देश की अर्थव्यवस्था
जनता एक्सप्रेस की दी सौगात
जगजीवन राम ने सैकड़ों ट्रेने अपने रेल मंत्रालय में लोगों की तोहफे के तौर पर दिए, लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि और आम जनता के लिए सौगात साबित हुई जनता एक्सप्रेस। उस समय जनता एक्सप्रेस दिल्ली-अहमदाबाद, हावड़ा-हरिद्वार, मुंबई-हावड़ा जैसे रुट पर चलाई गई थी। आज भी जनता एक्सप्रेस कई सारे रेलवे स्टेशनों के रुटों को जोड़ती है। बजट 2018 को पारित करने में इन 7 लोगों की होगी अहम भूमिका
रेलवे सेक्योरिटी पर दिया बल
एक रेल मंत्री होने के नाते बाबू जगजीवन राम ने यात्रियों के सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र सरकार से सुरक्षा संबंधी अपने मत रखें। साथ ही आधुनिक रेलवे बनाने की भी बात कही। इन्हें हिंदी भाषा से काफी लगाव था जिसके चलते रेलवे में इन्होंने हिंदी का काफी प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने यह तय किया कि रेलवे के सभी नोटिफिकेशन अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी जारी हों। आम बजट और उसकी शब्दावली से जुड़ी पूर्ण जानकारी


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