1 फरवरी को पारित होने वाले आम बजट 2018 में देश के सभी नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस का तोहफा मिल सकता है। यानी कि प्रत्येक व्यक्ति को हेल्थ इंश्योरेंस दिया जाएगा, ताकि किसी तरह की बीमारी होने पर उसको इलाज करवाने में परेशानी न हो और उस व्यक्ति को तुरंत ही आर्थिक सहायता मिले।
3 से 5 लाख तक का हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस
हेल्थ इंश्योरेंस कवर 3 से 5 लाख रुपए तक का हो सकता है। रिर्पोट्स के अनुसार सबको हेल्थ इंश्योरेंस देने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का बजट तय किया जाएगा। सरकार की इस योजना के तहत निजी बीमा कंपनियों को बड़ी भूमिका मिल सकती है। नवभारत टाइम्स के न्यूज वेब पोर्टल के अनुसार ट्रस्ट बनाकर स्वास्थ्य बीमा देने पर भी विचार जारी है। स्वास्थ्य बीमा सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत दिया जाएगा। इसमें कुल खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य वहन करेंगे।
3 तरह की होगी स्वास्थ्य बीमा योजना
यह माना जा रहा है कि स्वास्थ्य बीमा की योजना 3 तरह की होगी। पहली स्कीम में गरीबी रेखा से नीचे वालों को इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। इसे कल्याण स्कीम का नाम दिया जाएगा। दूसरी स्कीम 2 लाख रुपए तक के आयवालों के लिए होगी, जिसका नाम सौभाग्य स्कीम होगा। इसके साथ ही 2 लाख से ज्यादा आमदनी वाले सभी वर्गों के लिए सर्वोदय स्कीम लाई जा सकती है।
गरीबी रेखा का प्रीमियम सरकार भरेगी
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और 2 लाख से कम आमदनी वालों का प्रीमियम सरकार भरेगी। इससे ज्यादा की आमदनी वालों से हेल्थ इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम लिया जाएगा जो कि मामूली होगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार इंटरनल सर्वे में पाया गया है कि देश में करीब 70 प्रतिशत लोगों के पास हेल्थ इंश्योरेंस कवर नहीं है। यही कारण है कि बीमार होने पर इलाज के लिए उनके पास उतने पैसे नहीं होते हैं।
कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर कंपनियों को कोई रुचि नहीं
इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम की रिर्पोट के अनुसार, बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने वाले आधे से ज्यादा कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कंपनियां कर्मचारियों को हेल्थी और फिट रखने के लिए किसी तरह का कोई कार्यक्रम नहीं चलाती है। FMCG, मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित सेवाओं और रीयल एस्टेट समेत अन्य क्षेत्रों की कंपनियों में किए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि कॉर्पोरेट स्वास्थ्य योजना को अपनाकर भारतीय इंडस्ट्री कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर में एक प्रतिशत की कमी लाकर 2018 में 20 अरब डॉलर की बचत कर सकती है।


Click it and Unblock the Notifications