जीएसटी लागू होने के बाद साबुन, तेल, नूडल, टूथपेस्ट आदि जैसी कई रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली कई वस्तुओं के दाम कम हो गए हैं। जीएसटी के बाद वस्तुओं का दाम कम नहीं किया तो होगी कार्रवाई।
जीएसटी लागू होने के बाद साबुन, तेल, नूडल, टूथपेस्ट आदि जैसी कई रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली कई वस्तुओं के दाम कम हो गए हैं। अगर इसके बावजूद कोई दुकानदार वस्तुओं के दाम कम नहीं करता तो उस पर कार्रवाई हो सकती है।
बिलिंग मशीन में GST के हिसाब से हो बदलाव
साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जीएसटी लागू होने के बाद उसका लाभ उपभोक्ताओं को मिले, ताकि महंगाई काबू में रहे। उन्होंने कहा कि डीलरों, खुदरा बिक्रेताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही बिलिंग मशीनों में जीएसटी के हिसाब से बदलाव किए जाने चाहिए।
जीएसटी के असर पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में राजस्व, कपड़ा, खाद्य, कृषि, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण, खाद्य प्रसंस्करण, रेलवे, एमएसएमई, ग्रामीण विकास, पर्यटन, उर्वरक, फार्मा और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) समेत विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के सचिवों/वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक के दौरान जीएसटी को लागू किए जाने के बाद की सामान्य स्थिति, विशेषकर उपभोक्ताओं पर इसके असर पर चर्चा की गई।
अधिकारी आपस में बनाएं तालमेल
सिन्हा ने प्रत्येक सचिव से अपने संबंधित हितधारकों, व्यापार एवं उद्योग जगत के जीएसटी संबंधी मुद्दों को सुलझाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को कहा। सिन्हा ने उनसे राज्यों के अधिकारियों से संपर्क साधने एवं तालमेल बिठाने को कहा, ताकि जीएसटी को सुगमतापूर्वक लागू किया जा सके। कैबिनेट सचिव ने सभी विभागों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उत्पादों, विशेषकर संबंधित मंत्रालय/विभाग के दायरे में आने वाली उपभोक्ता वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं होनी चाहिए, ताकि उनकी कीमतों को काबू में रखा जा सके। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जीएसटी पर हो साप्ताहिक समीक्षा
कैबिनेट सचिव ने सभी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे जीएसटी की दरों के साथ-साथ जीएसटी से संबंधित प्रासंगिक सूचनाओं को भी अपनी-अपनी वेबसाइटों पर उपलब्ध कराएं। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जीएसटी के उपरांत स्थिति पर बराबर नजर रखने के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।


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