लॉकडाउन की वजह से एमएसएमई सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आर्थिक विकास के इंजन हैं। यह क्षेत्र कम पूंजी में ज्यादा रोजगार देता है।
नई दिल्ली: लॉकडाउन की वजह से एमएसएमई सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आर्थिक विकास के इंजन हैं। यह क्षेत्र कम पूंजी में ज्यादा रोजगार देता है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते शुरू लॉकडाउन ने इन उद्यमों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में ग्रोथ का इंजन ठप न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भर भारत मुहिम के तहत सरकार ने इस सेक्टर के लिए कई ऐलान किये हैं। इसके बाद भी वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित कि गई पैकेज एमएसएमई तक नहीं पहुंची। MSME : ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन, उठाएं फायदा ये भी पढ़ें

अखिल भारतीय निर्माता संगठन (एआईएमओ) द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 60 मिलियन एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) के 78 प्रतिशत से अधिक और स्व-रोजगार के 83 प्रतिशत ने कोविड-19 आर्थिक आर्थिक पैकेज के बारे में नाखुशी व्यक्त की है। वहीं उन सर्वेक्षणों में कहा गया है कि पिछले तीन हफ्तों में बैंक से कई लोगों ने संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन इसके बाद भी घोषित राशि और छूट की अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।
अखिल भारतीय निर्माता संगठन (ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन) के सर्वे के मुताबिक 35 फीसदी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और 37 फीसदी स्व-नियोजित उपक्रमों से जुड़े लोगों ने कहा है कि उनके उद्योग की वापसी बहुत मुश्किल है। सर्वे में शामिल 32 फीसदी एमएसएमई ने कहा कि रिकवरी होने में छह महीने का वक्त लगेगा। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एआईएमओ) के सर्वे के नतीजे 46,525 प्रतिक्रियाओं पर आधारित हैं। एआईएमओ ने अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को समझने के लिए D4E और अन्य व्यापार निकायों के साथ मिलकर एक देशव्यापी सर्वेक्षण किया।
एआईएमओ के मानद महासचिव केनी रामानंद ने कहा कि यह सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 3.50 लाख करोड़ रुपये का पैकेज 'पर्याप्त' है। लेकिन, आवंटन और यांत्रिकी की कार्यप्रणाली अभी भी स्पष्ट नहीं है। एमएसएमई को नकद के वितरण में देरी का प्रत्येक दिन अनुचित वित्तीय तनाव पैदा कर सकता है, वेतन की अदायगी और कच्चे माल की खरीद जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को रोक सकता है।
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