RBI ने सरकार को दिया झटका, बैंकों को डिविडेंड देने से रोका

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के फैसले से आज सरकार को झटका लगेगा। आरबीआई ने बैंकों को डिविडेंड देने से रोक दिया है। सरकारी बैंक काफी डिविडेंड देते थे, जिनमें सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है। अब सरकार को बैंक से यह भारी भरकम डिविडेंड नहीं मिल पाएगा। पहले से ही कोरोना महामारी के चलते आर्थिक दिक्कत में फंसी सरकार के लिए यह झटका रहेगा। लेकिन अगर दूसरी तरफ देखा जाए तो आरबीआई का यह कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला माना जा सकता है। बैंक हजारों करोड़ रुपये सरकार को डिविडेंड देते हैं, जो अब नहीं देंगे। इससे बैंक का कैपेटिलाइजेशन मजबूत होगा। इससे बैंकों की कर्ज देने की झमता बढ़ेगी।

RBI

दूसरी बार सामने आए आरबीआई गवर्नर

देश के कोरोना वायरस के चपेट में आने के बाद आज दूसरी बार आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास मीडिया के सामने आए। इससे पहले उन्होंने 27 मार्च को मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के बाद मीडिया को संबोधित किया था। तब उन्होंने रेपो रेट में एक साथ 0.75 फीसदी की कटौती की थी। लेकिन आज उन्होंने न केवल रिवर्स रेपो को 25 बेसिस प्वाइंट घटा दिया, बल्कि बैंकों को डिविडेंड देने से रोकने का भी ऐलान किया। दास ने कहा कि बैंक वित्त वर्ष 2020 के लिए अगले नोटिस तक डिविडेंड नहीं देंगे।

लोन एनपीए के नियम में भी दे ढील

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने लोन अकाउंट के रेज्योलूशन की चुनौतियों को देखते हुए रेज्योलूशन की अवधि को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है। डिफॉल्ट करने वाले बड़े लोन अकाउंट के रेज्योलूशन के लिए 180 दिनों का वक्त दिया जाएगा। पहले यह इससे सीमा इससे आधे दिनों की थी। दास ने कहा कि यह फैसला लिया गया है कि जहां मोरोटोरियम लागू है या डिफरमेंट चल रहा है उन लोन अकाउंट को एनपीए में नहीं डाला जाएगा। एनबीएफसी के पास अब यह सुविधा है कि वो बॉरोअर्स को थोड़ी राहत दे सकते हैं। लोन अकाउंट पर मोरोटोरियम 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। इस दौरान बैंक को इन लोन अकाउंट के लिए 10 फीसदी ज्यादा प्रोविजनिंग करनी होगी।

एक और राहत दी

आरबीआई ने कहा है कि पहले यह फैसला लिया गया था कि किसी कंपनी के कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू होने में देरी की कोई ऐसी वजह जिसमें प्रमोटर कुछ नहीं कर सकता, तो उस लोन को एक साल तक एनपीए में नहीं डाला जाएगा। अब यह सुविधा एनबीएफसी को भी दी जा रही है। अगर किसी एनबीएफसी ने किसी कमर्शियल रियल एस्टेट को लोन दिया है, तो उसे अब राहत मिलेगी। इससे एनबीएफसी और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत मिलेगी।

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