
Invesment Tips for Senior Citizen : वरिष्ठ नागरिक आम तौर पर निवेश के मामले में जोखिम लेने की क्षमता नहीं रखते। इसका कारण है रिटायरमेंट के बाद कमाई के अवसर काफी कम हो जाना। इसीलिए ज्यादातर लोग अपनी डेली जरूरतों को पूरा करने और आराम से जीने के लिए एक बड़े फंड के साथ रिटायर होना चाहते हैं। इसी वजह से वरिष्ठ नागरिक कम जोखिम वाले साधनों में निवेश करना पसंद करते हैं। इनमें एफडी, स्मॉल सेविंग्स स्कीम, पोस्ट ऑफिस की योजनाएँ, कम जोखिम वाले डेब्ट म्यूचुअल फंड आदि शामिल होते हैं। पर इन विकल्पों में निवेश से पहले आपको कुछ चीजों पर ध्यान देना चाहिए।
फंजिबिलिटी जरूरी फैक्टर
किसी भी निवेश ऑप्शन की फंजिबिलिटी (वैकल्पिकता) पर विचार करना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होना चाहिए। उदाहरण के लिए एक अल्ट्रा-लो ड्यूरेशन और लो-ड्यूरेशन डेब्ट म्यूचुअल फंड में कोई एग्जिट लोड नहीं होता और न ही एग्जिट पर कोई प्रतिबंध होता। एफडी में से समय से पहले पैसा निकाला जा सकता है लेकिन बैंक इसके लिए शुल्क लगाएगा। पीपीएफ में 15 साल का लॉक-इन होता है और किसान विकास पत्र में 123 महीने का लॉक-इन होता है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में पांच साल का लॉक-इन है। जानकार कहते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को निर्णय लेने से पहले एग्जिट लोड, लॉक-इन अवधि और अन्य डिटेल की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए।
टैक्सेबिलिटी (करदेयता)
एफडी पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है, और एक निश्चित सीमा से ऊपर, बैंक टीडीएस भी काटते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की टीडीएस सीमा अधिक होती है और बैंक भी एफडी पर अधिक ब्याज दरों की पेशकश करते हैं। वरिष्ठ नागरिक टैक्स-फ्री एफडी का भी लाभ उठा सकते हैं, जिनमें 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है। वहीं डेब्ट म्यूचुअल फंड पर टैक्स लगता है, फिर चाहे निवेशक की आयु कितनी भी हो। हालांकि, इस पर एक इंडेक्सेशन बेनिफिट है जो लंबी अवधि के कैपिटल गेन टैक्स लागू होने पर इंफ्लेशन के साथ मुनाफे को एडजस्ट करता है।
रिटर्न की स्थिरता
डेब्ट म्यूचुअल फंड की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं होती है। इनका रिटर्न बॉन्ड या बिल पर भुगतान किए गए ब्याज से या बॉन्ड ट्रेडिंग के दौरान कैपिटल एप्रिसिएशन या डेप्रिसिएशन से आता है। एफडी और अन्य छोटी बचत योजनाएं निश्चित ब्याज दर रिटर्न देती हैं। जानकार कहते हैं कि यदि आप निश्चित रिटर्न की तलाश कर रहे हैं तो फिर एफडी खाता खोलना या अन्य छोटे बचत निवेश ऑप्शनों में निवेश करने की सलाह दी है। यदि आप अधिक जोखिम लेना चाहते हैं, तो आप डेब्ट म्यूचुअल फंडों में पैसा लगा सकते हैं।
और क्या हैं ऑप्शन
अगर आप 2023 में शुरुआत करना चाहते हैं तो और भी कई ऑप्शन हो सकते हैं। जानकार कहते हैं कि कंजर्वेटिव यानी परंपरागत निवेशकों को लिक्विड और मनी मार्केट फंड जैसी शॉर्ट टर्म डेब्ट कैटेगरी में निवेश करना चाहिए क्योंकि बढ़ती ब्याज दरों से फायदा होता है और इस समय ब्याज दरें काफी हाई हैं। इसमें निवेश की ड्यूरेशन एक अहम भूमिका निभाती है (बॉन्ड के मामले में) और इसका उपयोग ब्याज दरों में बदलाव के लिए बॉन्ड की कीमत की सेंसिटिविटी को मापने के लिए किया जाता है। अवधि जितनी अधिक होगी, ब्याज दरों में वृद्धि के साथ बांड की कीमत उतनी ही कम होगी।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 24 मार्च को सोने की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 24 मार्च को चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 22 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज गोल्ड सस्ता हुआ या महंगा

Silver Price Today: 23 मार्च को चांदी की कीमतों में गिरावट! 45,000 टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Silver Price Today: 22 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Bank Holiday Today: आज बैंक खुले हैं या बंद? एक क्लिक में जान लें राम नवमी से कब तक बैंक हॉलिडे शेड्यूल

Gold Rate Today: 21 मार्च को अगर सोना खरीदने का प्लान है तो पहले जानें 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?



Click it and Unblock the Notifications