RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 जून से 5 जून तक होने वाली है। बाजार को उम्मीद है कि ब्याज दरें या तो स्थिर रहेंगी या फिर पहली कटौती देखने को मिल सकती है। 8 अप्रैल के फैसले के बाद फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर बरकरार है। यही वो बेसलाइन है जिससे आपके फ्लोटिंग होम लोन, बैंक FD और डेट फंड्स का मुनाफा तय होता है। इस हफ्ते आने वाला फैसला आपकी उधारी की लागत और बचत पर मिलने वाले रिटर्न को काफी हद तक बदल सकता है।
खबरों पर तुरंत रिएक्ट करने के बजाय अपनी प्लानिंग पहले से तैयार रखें। मान लीजिए आपका ₹30 लाख का होम लोन 20 साल के लिए 9.00% की फ्लोटिंग रेट पर चल रहा है। अगर MPC दरों में बदलाव नहीं करती, तो आपकी EMI करीब ₹26,992 रहेगी। लेकिन अगर 0.25% (25 bps) की कटौती होती है, तो EMI घटकर लगभग ₹26,511 पर आ जाएगी। अक्सर बैंक EMI घटाने के बजाय लोन की अवधि (tenure) कम कर देते हैं, इसलिए अगर आप हर महीने कैश-फ्लो में राहत चाहते हैं, तो बैंक से EMI रीसेट करने का अनुरोध करें।

RBI MPC: ₹30 लाख के लोन पर EMI का पूरा गणित
0.25% की कटौती का मतलब है हर महीने ₹481 और साल भर में ₹5,772 की बचत। अगर लोन की अवधि वही रहती है, तो आप कुल मिलाकर करीब ₹1.15 लाख कम चुकाएंगे। लोन ट्रांसफर (refinancing) करने से पहले यह जरूर देखें कि आपका बैंक रेपो रेट के ऊपर कितना 'स्प्रेड' चार्ज कर रहा है। बैंक से स्प्रेड कम करने और फीस माफ करने की बात करें। दूसरे बैंक में तभी स्विच करें जब सभी खर्चों के बाद नेट ब्याज दर में कम से कम 0.35% से 0.50% की गिरावट आ रही हो।
5 जून से पहले FD, डेट फंड और SIP के लिए क्या हो स्ट्रैटेजी?
अगर आपके पास कुछ समय के लिए एक्स्ट्रा कैश है, तो उसे छोटी अवधि की FD में डालें और फिर अलग-अलग मैच्योरिटी पीरियड (laddering) में बांट दें। रिकरिंग डिपॉजिट (RD) के लिए भी दो-स्टेप वाला लैडर बनाएं ताकि भविष्य की बेहतर दरों का औसत फायदा मिल सके। डेट फंड्स की बात करें तो रेट कट होने पर लॉन्ग-ड्यूरेशन और गिल्ट फंड्स का NAV सबसे ज्यादा बढ़ता है; वहीं रेट स्थिर रहने पर शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड्स बेहतर रिटर्न देते हैं। इक्विटी SIP को बिना रुके चलने दें; पॉलिसी की तारीखों के हिसाब से मार्केट को टाइम करने से लंबे समय में कोई खास फायदा नहीं होता। नीचे दी गई टेबल में देखें ₹1 लाख के निवेश पर मैच्योरिटी वैल्यू।
| FD दर (सालाना) | 5 साल | 10 साल | 15 साल |
|---|---|---|---|
| 5% | ₹1,27,600 | ₹1,62,900 | ₹2,07,900 |
| 7% | ₹1,40,300 | ₹1,96,700 | ₹2,75,900 |
| 8% | ₹1,46,900 | ₹2,15,900 | ₹3,17,200 |
RBI के फैसले के बाद क्या करें? चेकलिस्ट
जैसे ही पॉलिसी का ऐलान हो, फ्लोटिंग लोन वाले ग्राहक तुरंत चेक करें कि बैंक ने रेपो रेट का फायदा आप तक पहुंचाया है या नहीं। फिक्स्ड रेट वाले कर्जदार स्विच करने से पहले 'ब्रेक-ईवन' (खर्च और फायदे का अंतर) जरूर निकाल लें। अगर रेट कट होता है, तो नई FD तुरंत बुक कर लें क्योंकि बैंक जल्द ही ब्याज दरें घटा सकते हैं। अपने डेट फंड के निवेश की अवधि को अपने लक्ष्यों के हिसाब से दोबारा परखें और जल्दबाजी में बाहर न निकलें। SIP की रकम तभी बदलें जब आपकी इनकम में बदलाव हो, और बैंकों के कदम उठाने के बाद एक बार फिर दरों की समीक्षा करें।
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