
Mutual Fund SIP : किसी भी म्यूचुअड फंड स्कीम में एसआईपी यह सुनिश्चित करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है कि आप लंबी अवधि में थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके मोटा फंड तैयार कर सकते हैं। एसआईपी आपको रेगुलर समय पर पैसा बचाने की आदत डेवलप करने में मदद करती है और आपको अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न हासिल करने में मदद करती है। एसआईपी निवेश आपके निवेश की कुल लागत को भी कम करने में मदद करता है। मगर यदि बाजार आपके अनुमान के मुताबिक न चले तो क्या? क्या आपको एसआईपी में ऐसे ही लगातार निवेश करना चाहिए? या एसआई को रोक देना चाहिए? ऐसा करने का सबसे अच्छा समय कब होता है? ये अहम सवाल है, जिनका जवाब आपके पास म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करने से पहले होना चाहिए।
क्या है एसआईपी रोकने की सुविधा
निवेश को कुछ समय के लिए रोक देना सभी एसआईपी में उपलब्ध एक ऑप्शन है। मगर बहुत से निवेशक इस सुविधा से अनजान होते हैं और इसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाते। जब शेयर बाजार अस्थिर और चुनौतियों भरा लगता है, तो कई निवेशक अकसर एसआईपी निवेश पॉज़ फ़ंक्शन (एसआईपी रोकना) का उपयोग करते हैं। हालांकि, यह ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है।
ऐसे होता है मुनाफा
अगर बाजार अस्थिर हो, तो भी निवेशकों को एसआईपी बरकरार रखनी चाहिए। जब बाजार पलटता है और ऊपर की ओर चढ़ता है तो उस दौरान निवेश करना जारी रखना निवेशकों को फायदा दिलाता है। वे गिरावट पर अधिक यूनिट्स खरीद पाते हैं और बाजार चढ़ने पर उन्हें अधिक फायदा मिलता है। इसके नतीजे में लंबी अवधि में उन्हें अच्छा लाभ हो सकता है।
कब रोकें एसआईपी
हालांकि एसआईपी रोकने के ऑप्शन का इस्तेमाल केवल तब करना चाहिए जब आपके पास पैसों की अस्थायी कमी हो जाए या आपकी नौकरी चली जाए। उस समय पर कुछ महीनों के लिए अपनी एसआईपी को रोकना आपको दो फायदे कराएगा। पहला कि आप अपने फाइनेंस का पता लगा सकेंगे और दूसरे आपको आगे की प्लानिंग के लिए समय मिलेगा। जब आपके पास फिर से जरूरत भर से अतिरिक्त पैसा आ जाए तो आप फिर से एसआईपी निवेश शुरू कर सकते हैं।
एसआईपी पर पूरी तरह न लगाएं ब्रेक
एसआईपी निवेश पर पूरी तरह ब्रेक लगाने के कई नुकसान हैं। यदि आप अपने एसआईपी निवेश को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं, तो ये ठीक नहीं है। दरअसल आप फिर से निवेश शुरू नहीं करते हैं, तो आप अपने लिए तय वित्तीय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। एक बार अगर आपने एसआईपी रोक दी, तो आपको शुरू से शुरू करना होगा। जब आप लगातार निवेश करते हैं और उसे बरकरार रखते हैं, तो कंपाउंडिंग का लाभ अधिकतम मिलता है। पर यदि आप निवेश को समाप्त कर देते हैं, तो आप सारा फायदा गंवा देंगे।
एसआईपी निवेश का फायदा
एसआईपी में बहुत अधिक फ्लेक्सिबिलिटी होती है, जो इसके बड़े बेनेफिट में से एक है। एसआईपी में आप किसी भी समय अपने एलॉट किए गए निवेश में बदलाव कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास इक्विटी फंड में निवेश है, लेकिन अस्थिरता के कारण आप डेट फंड में स्विच करना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं।
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