Yes Bank : आती है सैलरी या जाती है किस्त, तो जानें क्या करें

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आईबीआई) ने 5 मार्च को यस बैंक के खातों से 50,000 रुपए से ज्यादा रकम निकालने पर रोक लगा दी है।

नई द‍िल्‍ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 5 मार्च को यस बैंक के खातों से 50,000 रुपए से ज्यादा रकम निकालने पर रोक लगा दी है। अगर आपके पास एक से ज्यादा अकाउंट हैं तो भी सबको मिलाकर आप एक महीने में सिर्फ 50,000 रुपए ही निकाल सकते हैं। यह रोक एक महीने तक लागू रहेगी। आपको इस बात से अवगत करा दें कि यस बैंक पर एक महीने के लिए मोरोटोरियम लागू है।

जानि‍ए आखिर क्या है यह मोरोटोरियम?

जानि‍ए आखिर क्या है यह मोरोटोरियम?

आपको बता दें कि एक ग्राहक के लिए मोरोटोरियम का मतलब यह है कि वह अपने सेविंग्स, करेंट या किसी भी दूसरे अकाउंट से सिर्फ 50,000 रुपए ही निकाल सकता है। अगर आपका खाता भी यस बैंक में है तो आप पर भी यह मोरोटोरियम लागू होगा। इसमें राहत की बात ये है कि आरबीआई ने कहा है कि शादी, मेडिकल इमरजेंसी या हायर एजुकेशन के लिए आप अपने खातों से अधिकतम 5 लाख रुपए निकाल सकते हैं। यस बैंक की खराब वित्तीय हालत की वजह से आरबीआई ने यह मोरोटोरियम लागू किया है। आरबीआई इसके रीस्ट्रक्चरिंग की योजना बना रहा है। एसबीआई ने 5 मार्च अपने बोर्ड को जानकारी दी थी कि वह यस बैंक में निवेश करना चाहता है। मोरोटोरियम की वजह से यस बैंक के ग्राहकों को दिक्कत हो रही है लेकिन आरबीआई ने कहा है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। अब सवाल यह है कि अगर आपका यस बैंक में खाता है तो आपको क्या करना चाहिए। अगर आपके यस बैंक के अकाउंट से आपके घर की ईएमआई या फिर कोई दूसरी किस्त कटती हो तो आपको क्या करना चाहिए।

जानकारी दें अपने बैंक और कंपनी

जानकारी दें अपने बैंक और कंपनी

  • अगर आपने किसी दूसरे बैंक या किसी एबीएफसी से लोन लिया है और उसकी किस्त यस बैंक से कटती है तो सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें।
  • बता दें कि ऐसी खबरें आने के बावजूद आपकी ईएमआई बंद नहीं होती है। यह मुमकिन है कि आपका बैंक इस मामले में कुछ महीने की राहत दे सकता है।
  • अगर आपका अकाउंट यस बैंक में है और लोन भी यस बैंक से ही लिया है तो बैंक आपके डिपॉजिट में से सबसे पहले अपनी किस्त काटेगा। उसके बाद ही बाकी की रकम आप निकाल पाएंगे।
  • अगर बैंक अकाउंट में किस्त के बराबर या उससे कम फंड है तो आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं।
  • बता दें कि अगर आपका यस बैंक का अकाउंट एसआईपी और म्यूचुअल फंड से जुड़ा है और आपका कोई रीडम्पशन (एसआईपी बेचकर मिलने वाला पैसा) आने वाला है तो क्या करेंगे? इस मामले में म्यूचुअल फंड ने मदद के लिए आगे आए हैं।
  • कई फंड हाउस ने सोशल मीडिया पर बताया है कि वह अपने कस्टमर्स की हेल्प के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर कस्टमर अपना बैंक बदलना चाहते हैं तो बदल सकते हैं।
  • इसका मतलब है कि अगर यस बैंक की जगह किसी दूसरे बैंक से आप अपना अकाउंट लिंक करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।
  • जानकारी दें कि देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज कंपनी जीरोधा ने भरोसा दिलाया है कि शेयर बेचने के बाद वह उसी अकाउंट में पैसा डालेगा जिसमें ग्राहक चाहेंगे ताकि उनका पैसा यस बैंक में ना फंसे।
  • वहीं कोटक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने भी ट्वीट करके कहा है कि जिन ग्राहकों के पास यस बैंक का अकाउंट है, अगर वो निवेश बेचने के बाद किसी और बैंक खाते में पैसा चाहते हैं तो उन्हें वहां मिल सकता है।
सैलरी अकाउंट हो तो क्या करें

सैलरी अकाउंट हो तो क्या करें

आपको इस बात से भी अवगत करा दें कि अगर यस बैंक में आपकी सैलरी अकाउंट है तो आप सबसे पहले अपने एचआर को यह जानकारी दें कि आपकी अगली सैलरी उस खाते में ना डाली जाए। आप अपनी कंपनी से बात करके किसी दूसरे बैंक का अकाउंट सैलरी के लिए दे सकते हैं।

फोन पे को उठा रहा है नुकसान

फोन पे को उठा रहा है नुकसान

इस बीच आपको ये भी बता दें कि फोन पे के सीईओ समीर निगम ने ट्विटर पर ग्राहकों को बताया कि हमें इस लंबी रुकावट के लिए खेद है। हमारे साझेदार बैंक पर आरबीआई द्वारा कई प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी टीम ने रात भर सेवायें जारी रखने के लिए काम किया है। हमें उम्मीद है कि यह कुछ घंटों में ठीक हो जाएगा। एक फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी ने बताया कि कुछ भी हो, यह एक लेन-देन या समझौता है, जिसके कारण बैंक को काम करना बंद करना पड़ा।

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