लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) देश की सबसे भरोसेमंद इंश्योरेंस कंपनी है। इस कंपनी की अलग-अलग पॉलिसी में करोड़ों लोगों ने निवेश किया हुआ है।
नई दिल्ली: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) देश की सबसे भरोसेमंद इंश्योरेंस कंपनी है। इस कंपनी की अलग-अलग पॉलिसी में करोड़ों लोगों ने निवेश किया हुआ है। अगर आपने भी एलआईसी पॉलिसी ले रखी थी और किसी कारणों से वह बंद हो गई है तो चिंता न करें। आज हम आपको बताते हैं कि कैसे लैप्स पॉलिसी को दोबारा शुरू किया जा सकता है।

प्रीमियम तय समय पर जमा नहीं करने पर लैप्स हो जाती पॉलिसी
कई लोग भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जीवन बीमा पॉलिसी लेते हैं। वहीं कई बार पैसे की कमी और कई कारणों से वह पॉलिसी की रकम को समय पर जमा नहीं कर पाते जिसके कारण पॉलिसी लैप्स हो जाती है। वहीं ऐसे में कई लोग जिन्हें यह नहीं पता कि लैप्स हुई पॉलिसी को कैसे दोबारा शुरू करना उन्हें काफी बार दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम तय समय पर जमा नहीं करने पर पॉलिसी लैप्स हो जाती है। वहीं एक निश्चित समय के अंदर कुछ शर्तों को पूरा करके बंद हुई बीमा पॉलिसी को दोबारा शुरू किया जा सकता है। कुछ बीमा कंपनियां समय-समय पर लैप्स हुई बीमा पॉलिसी को फिर से शुरू करने के लिए अभियान चलाते रहते हैं।
इस स्थिति में नहीं कर सकते पॉलिसी रिवाइव
भारतीय जीवन बीमा निगम में पॉलिसी को कम से कम तीन साल तक चलाना जरूरी होता है। ऐसा होने पर ही इस पर आप रिवाइवल प्रक्रिया प्रभावी हो सकती है। वहीं एक साल से कम समय तक पॉलिसी जमा नहीं करने पर पॉलिसी लैप्स हो जाती है। वहीं यह समय अलग- अलग कंपनियों में अलग-अलग हो सकता है। भारतीय जीवन बीमा निगम में तीन साल तक प्रीमियम जमा नहीं करने पर पॉलिसी को लैप्स घोषित कर दिया जाता है। जिसकी जानकारी पॉलिसी होल्हर को भी दी जाती है। एलआईसी के अनुसार पांच साल तक पॉलिसी जमा नहीं करने पर इसे पूरी तरह से लैप्स कर दिया जाता है। जिसे बाद में रिवाइव नहीं किया जा सकता है।
लैप्स पॉलिसी रिवाइव करने का तरीका
- अपनी लैप्स पॉलिसी को रिवाइव करने के लिए आपको सबसे पहले अपने बीमा कंपनी के निकटतम ब्रांच में जाकर रिवाइवल कोट लेना पड़ता है।
- बता दें कि रिवाइवल कोट बची हुई प्रीमियम का कुल जोड़ होता है. ग्राहक को इस रिवाइवल कोट के साथ ही रिवाइवल पेनाल्टी भी भरनी होगी। इसके साथ ही ग्राहक को अपना हेल्थ सर्टिफिकेट भी जमा करना होता है।
- रिवाइवल के लिए राशि जमा करते समय फॉर्म संख्या 680 को भी भरना जरूरी होता है। ग्राहक को अपने आई डी और एड्रेस प्रूफ की कॉपी भी जमा करना पड़ता है।
- अगर रिवाइवल राशि 50 हजार से ज्यादा की है, उस स्थिति में ग्राहक को पैनकार्ड की भी एक कॉपी जमा करनी होगी। इसे बीमा कंपनी के निकटतम ब्रांच में जमा करके ग्राहक अपने लैप्स पॉलिसी को दोबारा शुरु कर सकते हैं।
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