भारत में रेस्टोरेंट का बिजनेस कैसे शुरु करें, क्या है पूरी प्रक्रिया?

रेस्टोरेंट का बिजनेस आज के दौर में सबसे अच्छे, सरल और व्यापक बिजनेस में से एक है।

रेस्टोरेंट का बिजनेस आज के दौर में सबसे अच्छे, सरल और व्यापक बिजनेस में से एक है। सरल इसलिए क्योंकि आपको पता होता है कि ग्राहक सस्ता और स्वादिष्ट खाना अच्छा लगता है इसके लिए मार्केट रिसर्च बहुत कम करनी होती है। व्यापक इसलिए है कि आज के दौर में आप अपने आस-पास ही नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम के जरिए भी लोगों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। तमाम लोग रेस्टोरेंट का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी परेशानी होती है कि रेस्टोरेंट का बिजनेस कैसे शुरु किया जाए? तो हम आपको यहां आसान आसान भाषा में बताएंगे कि रेस्टोरेंट का बिजनेस कैसे शुरु किया जाए और इसे शुरु करने की पूरी प्रक्रिया क्या है?

जानकारी जुटाएं, किस तरह का रेस्तरां खोलना चाहतें

जानकारी जुटाएं, किस तरह का रेस्तरां खोलना चाहतें

रेस्तरां खोलते वक्त आपके पास धन, मेनू, स्थान, कॉन्सेपट, बाजार अनुसंधान तथा ऑपरेटिंग सिस्टम का ज्ञान होना चाहिए। रेस्तरां खोलने के लिए आपको योजनाबद्ध एवं आपके पास पर्याप्त धन होना चाहिए। आज रेस्तरां खोलने के लिए कई सारे विकल्प मौजूद हैं। स्थानीय व्यजनों के अलावा अगर आपको लगता है कि लोग अंतरराष्ट्रीय या मांसाहारी व्यंजनों का जायका भी चखना पसंद करते हैं तो आप इस तरह के भी रेस्तरां खोल सकते हैं। रेस्तरां के संचालन में उसका स्थान भी एक अहम भूमिका निभाता है - उदाहरण के लिए, अगर आप मॉल में रेस्तरां खोलते हैं, तो फास्ट फूड या पिज़्ज़ेरिया के चलने की संभावना अधिक है।

नए रेस्तरां को खोलने में लगने वाली लागत

नए रेस्तरां को खोलने में लगने वाली लागत

रेस्तरां की व्यवसाय योजना की एक लागत सूची तैयार करें। इसमें आने वाले महीनों में रेस्तरां के संचालन में लगने वाले खर्चों को जोडें। सभी गणना सटीक होनी चाहिए तथा आपको इस व्यवसाय से जुडे विभिन्न वित्तीय पहलुओं की जानकारी होनी चाहिए।

रेस्तरां खोलने में आने वाले खर्चें निम्नलिखित पहलुओं पर आधारित है:

  • आप किस प्रकार का रेस्तरां खोलना चाहते हैं
  • उपकरण- नए होंगे या किराए पर लिए जाएंगे
  • व्यापार को किस तरह से आगे बढ़ाएंगे
  • सुविधा की प्रकृति
  • रेस्तरां शुरू करने से जुड़े कानून

    रेस्तरां शुरू करने से जुड़े कानून

    रेस्तरां खोलने से पहले आपको संबंधित स्थानीय संगठन से आवश्यक लाइसेंस एवं परमिट प्राप्त करना होगा। स्वास्थ्य सेवा भोजन प्रतिष्ठान परमिट, प्रमाणीकरण को जारी करने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है। इसके अलावा, मालिकों को पर्याप्त बीमा कवरेज भी प्राप्त करना होगा।

    इंटीरियर एवं मेन्यू

    इंटीरियर एवं मेन्यू

    मेन्यू को सूची स्थानीय लोगों की रुचि को ध्यान में रख कर बनाएं। व्यंजनों की कीमत बाज़ार के अनुसार ही रखें। रेस्तरां का इंटीरियर उसके आकर्षण का केंद्र है और रेस्तरां खोलते वक्त आपको उसके इंटीरियर पर खास ध्यान देना होगा। आज कल लोग कुछ अलग तरह के इंटिरियर वाले रेस्तरां को भी काफी पसंद करते हैं। फर्नीचर काफी खूबसूरत होना चाहिए और फर्नीचर खरीददारी काफी तोल-मोल करें।

    रेस्तरां का प्रचार करें

    रेस्तरां का प्रचार करें

    विज्ञापन लोगों तक पहुंचने का एक मात्र ज़रिया है। यदि आप रेस्तरां की मौजूदगी को बताना चाहते हैं तो इसका आरंभ रेस्तरां के शुरूआती दिनों में ही हो जाना चाहिए। ब्लॉगिंग रेस्तरां के बारे में जागरूकता पैदा करना का एक अच्छा तरीका है। आप सॉशल मीडिया के ज़रिए समय-समय पर ब्लॉग लिख कर लोगों को अपडेट रख सकते हैं। इस माध्यम से आप रेस्तरां में परोसे जाने वाले नए व्यंजनों के बारे में भी बता सकते हैं।

    इंटरनेट के माध्यम से लोगों को बताएं

    इंटरनेट के माध्यम से लोगों को बताएं

    आप चाहें तो ब्लॉग पर टिप्पणियां लिखने वालों के साथ चैट भी कर सकते हैं और रेस्तरां की सजावट व स्टाइल तथा नए व्यंजनों पर चर्चा कर सकते हैं। छूट द्वारा आप लोगों को अपने रेस्तरां कि ओर खींच सकते हैं यह काफी अच्छा तरीका है तथा रेस्तरां की सफलता में मददगार साबित हो सकता है।

    कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया

    कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया

    रेस्तरां में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियां बखूबी पता होनी चाहिए। जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की फेरबदल करना सही नहीं होगा। कर्मचारी को रेस्तरां के जिस विभाग को संभालने की जिम्मेदारी दी गई हो उसे वही विभाग संभालना चाहिए। काम पर लगाने से पहले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित जरूर करें। प्रशिक्षण द्वारा वे अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से समझ व निभा पाएंगे। अप्रशिक्षित कर्मचारियों से आपके रेस्तरां को नुकसान हो सकता है।

    पर्याप्त कर्मचारी रखें

    पर्याप्त कर्मचारी रखें

    रेस्तरां को सफल बनाने के लिए आपके पास पर्याप्त कर्मचारी होने चाहिए। यदि आपका कर्मचारी अधिक छुट्टियां ले या काम ढंग से ना करे तो आपको काफी सुझ भुझ से स्थिति को संभालना होगा। मालिक को कर्मचारियों को काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। कर्मचारी प्रतिधारण प्रोग्राम की समझ ऐसी स्थिति में आपके लिए सहायक साबित होगी।

    फीडबैक

    फीडबैक

    अपनी आतिथ्य सेवाओं के कारण मैकडॉनल्ड्स, डोमिनोज़, पिज्जा हट और सबवे जैसे कई अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड भारतीय बाजार में खुद को स्थापित कर चुके हैं। ये केवल ग्राहक को स्वादिष्ट भोजन ही नहीं बल्कि उनके बिताए गए समय को मुल्यवान बनाते हैं। इस दिशा में पिज्जा हट एक नए कॉन्सेपट को लेकर आया, जिसमें वे अपने संतुष्ट ग्राहक को घंटी बजाने का मौका देते हैं। इसी तरह से आप भी अपने ग्राहकों से खाने को लेकर फीडबैक ले सकते हैं।

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