बोनस और इंसेंटिव के बीच मूल फर्क के बारे में जाने
सभी कर्मचारी बोनस और इंसेंटिव जैसे शब्दों से परिचित होते हैं। कभी कभी हमें इस बारे में संशय हो जाता है क्योंकि बोनस और इंसेंटिव दोनों वेतन के साथ अतिरिक्त रूप में दिए जाते हैं। बोनस एक व्यक्ति, एक समूह को दिया जाता है। यह प्रबंधन द्वारा तय किये गए मानदंडों के अनुसार पिछली उपलब्धियों के पुरस्कार के रूप में जैसे किसी निश्चित लक्ष्य को पूर्ण करने या लाभ होने या कंपनी के लिए कोई विशिष्ट उद्देश्य प्राप्त करने के लिए दिया जाता है।
पहले जाने लें बोनस और इंसेंटिव के बीच का फर्क
इंसेंटिव वह भुगतान होता है जो किसी विशिष्ट उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए दिया जाता है। ये उद्देश्य पूर्व निर्धारित होते हैं जिनके बारे में कर्मचारियों को पहले ही बताया गया होता है। बोनस और इंसेंटिव के बीच मूल फर्क के बारे में जाने:
मुख्य अंतर
बोनस किसी व्यक्ति को उसके द्वारा किसी योजना या काम को पूरा करने के बाद दिया जाता है जबकि इंसेंटिव प्रारंभ में ही दिया जाता है। इंसेंटिव के बारे में कर्मचारी को उसके काम शुरू करने के पहले ही बता दिया जाता है।
बोनस सरप्राइज होता है
सामान्यत: बोनस सरप्राइज़ की तरह दिया जाता है। इंसेंटिव में सरप्राइज़ जैसी कोई बात नहीं होती। इंसेंटिव कर्मचारियों को अधिक काम करने और कंपनी के प्रति वफादारी बरतने की प्रेरणा के रूप में दिया जाता है। यदि कर्मचारी काम पूरा करते हैं तो इंसेंटिव निश्चित ही मिलता है। बोनस ऐच्छिक होता है या यदि कंपनी का प्रबंधन किसी काम के पूरा होने पर कर्मचारियों को बोनस देने का निर्णय लेता है तो बोनस तुरंत ही दिया जाता है।
पिछला और अगला रिकॉर्ड देखा जाता है
इंसेंटिव अतिरिक्त वेतन होता है (मूल वेतन से अलग और ऊपर) जो कर्मचारी को दिया जाता है जैसे स्टॉक विकल्प या आकस्मिक बोनस योजना जो प्रगतिशील माना जाता है। बोनस नकद रूप में हो सकता है या अन्य किसी रूप में जैसे स्टॉक आदि तथा यह काम पूरा होने पर आधारित होता है। बोनस योजनायें पश्चवर्ती यानि कि पिछला रिकॉर्ड देख कर दी जाती हैं।
बोनस नकद में हो सकता है परन्तु इंसेंटिव नहीं
इंसेंटिव चर भुगतान का एक प्रकार है जो प्रदर्शन पर आधारित होता है। भुगतान मौद्रिक पुरस्कार हो सकता है जैसे नकद या इक्विटी या गैर मौद्रिक पुरस्कार भी हो सकता है जैसे वाणिज्यिक वस्तु या यात्रा आदि। बोनस में भुगतान नकद, शेयर्स, शेयर विकल्प या अन्य वस्तुओं के रूप में किया जाता है। बिक्री प्रतिफल के संदर्भ में बोनस एक पूर्व निश्चित और पूर्व परिभाषित राशि होती है जो किसी विशेष लक्ष्य के पूरा होने पर दी जाती है।
बोनस के रूप में इंसेंटिव
इंसेटिव, बोनस हो सकता है परन्तु बोनस को इंसेंटिव की तरह नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि इंसेंटिव प्रगतिशील विचारधारा का होता है और कर्मचारियों को को दिया गया काम अच्छे से करने के लिए प्रोत्साहित करता है जबकि बोनस तब दिया जाता है जब कोई काम पूरा हो जाता है और बॉस ऐसा सोचता है कि इस व्यक्ति ने काम अच्छी तरह किया है।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 8 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज रविवार को गोल्ड रेट सस्ता हुआ या महंगा

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Silver Price Today: 2 मार्च को चांदी की कीमत में 35,000 रुपये का उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Happy Holi Wishes: रंगों के इस खास त्योहार पर इन खूबसूरत संदेशों और कोट्स के जरिए अपनों को दें शुभकामनाएं

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Holika Dahan: चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया! आज या कल, कब होगा होलिका दहन? जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

Gold Price Today: जियोपॉलिटिकल संकट के बीच 2 मार्च को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए लेटेस्ट गोल्ड रेट



Click it and Unblock the Notifications