नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान के तहत बेटियों के हितों की रक्षा के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) से भी बेहतर रिटर्न देती है। ये योजना पीपीएफ की ही तरह सुरक्षित और टैक्स बेनेफिट भी दिलवाती है। हालाँकि पीपीएफ के उलट, जिसका बेनेफिट किसी भी सैलेरी व्यक्ति को मिल सकता है, एसएसवाई में निवेश सिर्फ बेटी के लिए ही किया जा सकता है। मगर इस बीच पहले से ही जूझ रही भारतीय अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन और भी झटका लगा, जिसके आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कटौती की है। मगर आरबीआई की तरफ रेपो रेट घटाए जाने के बाद सरकार ने एसएसवाई सहित छोटी बचत योजनाओं के लिए पिछले महीने ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की।
कितनी हुई ब्याज दर में कटौती
पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) और टाइम डिपॉजिट पर 1-3 साल की ब्याज दरों में 1.4 फीसदी की कमी की गई, पीपीएफ और एसएसवाई में 0.8 फीसदी की कटौती की गई। इससे आपकी बेटी के लिए मैच्योरिटी राशि में कमी आएगी। ब्याज दरों में कटौती के बाद एसएसवाई खातों पर दी जाने वाली ब्याज की वार्षिक दर पहले के 8.4 प्रतिशत की तुलना में 7.6 प्रतिशत रह गई है। जबकि अन्य सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की गई, केवल पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज की दर को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष पर ही अपरिवर्तित रखा गया।
क्या है एसएसवाई और कैसे करें निवेश
माता-पिता या कानूनी अभिभावक में से कोई भी लड़की के लिए केवल एक एसएसवाई खाता खोल सकते हैं, वो भी उसके 10 वर्ष की होने पर। किसी वित्तीय वर्ष में एसएसवाई खाते में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया सकता है। एसएसवाई खाते में 15 वर्ष तक योगदान किया जा सकता है, जबकि इसकी मैच्योरिटी अवधि 21 वर्ष है। हालांकि बेटी के 18 वर्ष की हो जाने के बाद उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसे योजना में से निकालने की अनुमति मिलती है। इसके अलावा अगर 18 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी लड़की की शादी हो जाती है, तो 21 वर्ष की आयु से पहले ही एसएसवाई खाता बंद हो सकता है।
कितना होगा एसएसवाई पर नुकसान
यदि आप 15 वर्ष तक हर साल की शुरुआत में ही अपनी बेटी के लिए खोले गए एसएसवाई खाते में 1.5 लाख रुपये का योगदान कर दें और 21 वर्ष की मैच्योरिटी अवधि से पहले पैसे न निकालें है, तो यह मानते हुए कि आपकी पूरी निवेश अधिक के दौरान वर्तमान 7.6 फीसदी ब्याज दर ही रहेगी तो आपकी बेटी को मैच्योरिटी पर 65,93,071.43 रुपये मिलेंगे। दूसरी ओर इसी कैल्कुलेशन के तहत इसी निवेश राशि के लिए 8.4 फीसदी की पिछली ब्याज दर पर मैच्योरिटी राशि 73,90,043.06 रुपये होती। इन दोनों राशियो में करीब 8 लाख रुपये का फर्क है। हालांकि यहां ये भी ध्यान देने वाली बात है कि इस योजना पर हर तिमाही में ब्याज दर में संशोधन किया जाता है।
More From GoodReturns

पर्पल स्टाइल लैब्स आईपीओ: आज बंद हो रहा है मौका, लिस्टिंग गेन या SIP—क्या है बेहतर?

Lumino Industries IPO: आज बंद हो रहा है मौका! रिटेल की भारी डिमांड, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट: 1 सितंबर को जानें अपने शहर में 22K और 24K के ताजा रेट

Gold Price Today: 30 अगस्त को सोने के भाव में स्थिरता, खरीदारी से पहले देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Forex Reserve Record: भारत के खजाने में ऐतिहासिक उछाल, आम आदमी और बाजार पर क्या होगा असर?

आज 31 अगस्त को सोने के दाम स्थिर, खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

सितंबर में बैंक रहेंगे कई दिन बंद: घर से निकलने से पहले चेक कर लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट



Click it and Unblock the Notifications
