RBI का फैसला: क्या आपकी EMI का बोझ होगा कम?

देश के लाखों कर्जदारों की नजरें इस वक्त आरबीआई (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं, जो इस हफ्ते खत्म होने जा रही है। 8 अप्रैल को आने वाला केंद्रीय बैंक का फैसला यह तय करेगा कि आपके लोन की लागत बढ़ेगी या घटेगी। इस फैसले का सीधा असर आम परिवारों के होम और ऑटो लोन की ईएमआई (EMI) पर पड़ता है। घर खरीदार इस उम्मीद में हैं कि ब्याज दरों में कटौती हो, ताकि उनके मासिक खर्चों का बोझ थोड़ा कम हो सके।

पिछले एक साल से ज्यादा समय से रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है। महंगाई पर लगाम कसने के लिए आरबीआई ने पहले ब्याज दरों में लगातार कई बार बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद से यह स्थिरता बनी हुई है। फिलहाल, मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के सदस्यों के लिए खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतें चिंता का बड़ा विषय हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए 'यथास्थिति' बरकरार रख सकता है।

RBI Monetary Policy Impact: Will Home Loan EMI Increase or Decrease? Check Latest Updates

EBLR और MCLR बेंचमार्क: क्या आपकी EMI में होगा बदलाव?

आजकल ज्यादातर होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़े होते हैं। इसका मतलब यह है कि जब भी आरबीआई कोई कदम उठाता है, तो बैंकों को अपनी ब्याज दरों में तुरंत बदलाव करना पड़ता है। अगर रेपो रेट में कटौती होती है, तो आपकी मंथली किस्त भी लगभग तुरंत कम हो जाएगी। वहीं, पुराने लोन अब भी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) पर आधारित हो सकते हैं। इन दरों में बदलाव एक निश्चित समय के बाद होता है, इसलिए रेपो रेट में बदलाव का असर इन पर थोड़ा देरी से दिखता है।

लोन बेंचमार्कअसर की रफ्तारफैसले से कनेक्शन
EBLRतुरंतसीधा रेपो लिंक
MCLRथोड़ा समय लगता हैइंटरनल कॉस्ट लिंक

बैंक की अगली अपडेट आने से पहले कर्जदारों को अपनी मौजूदा ब्याज दरों की समीक्षा कर लेनी चाहिए। अगर आपका मौजूदा बैंक बहुत ज्यादा ब्याज वसूल रहा है, तो आप 'बैलेंस ट्रांसफर' के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। इसके अलावा, लोन का प्रीपेमेंट (समय से पहले भुगतान) करने से भी आप कुल ब्याज के बोझ को कम कर सकते हैं। साथ ही, फेस्टिव सेल के दौरान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले 'नो-कॉस्ट EMI' ऑफर्स पर भी नजर रखें।

आपके होम और ऑटो लोन की EMI पर क्या होगा असर?

आरबीआई का आने वाला फैसला मिडिल क्लास के बजट की दिशा तय करेगा। हालांकि, ब्याज दरों में कटौती की गारंटी नहीं है, लेकिन आरबीआई की कमेंट्री से भविष्य के कदमों का संकेत जरूर मिल जाएगा। अपडेट रहने से आप अपने फाइनेंस और लोन के भुगतान की प्लानिंग बेहतर तरीके से कर पाएंगे। पूरी स्पष्टता के लिए कल होने वाले आधिकारिक ऐलान पर पैनी नजर रखें।

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