Oil Companies: मीडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है। इसका सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी के बाद भारतीय तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है। पिछले 11 दिनों में लगभग 8 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों के बजट पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।

सरकार और तेल की कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनियों का कहना है कि हर दिन उन्हें करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। लेकिन दूसरी तरह देखें तो कुछ और ही चल रहा है। जहां एक तरफ हर दिन 600 करोड़ रुपये का नुकसान वहीं, दूसरी ओर तेल कंपनियों के तिमाही नतीजों में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिली है।
देश की तीन सबसे बड़ी सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदूस्तान पेट्रोलियम भारत के पेट्रोल पंप का सबसे बड़ा हिस्सा संभालती है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में इन तीन कंपनियों का कुल मुनाफे में जबरदस्त तेजी आई।
यहां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के FY 2025-26 और FY 2024-25 के मुनाफे के आंकड़े
| कंपनी | FY 2025-26 | FY 2024-25 | मुनाफा |
| इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) | ₹36,802 करोड़ | ₹12,962 करोड़ | 184% |
| भारत पेट्रोलियम (BPCL) | ₹23,303 करोड़ | ₹13,300 करोड़ | 75% |
| हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) | ₹17,175 करोड़ | ₹7,365 करोड़ | 133% |
लेकिन घाटा का दावा क्यों कर रही कंपनियां?
सरकार और तेल कंपनियां लगातार दावा कर ही है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उन्हें हर दिन 600 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन दूसरी तरफ कंपनियों के नतीजे में हुए मुनाफा भी चौंका रहे है। दरअसल, जो अभी नतीजे आए है वे Q4 यानी की जनवरी, फरवरी और मार्च तिमाही के है। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव फरवरी के बाद शुरु हुआ है।
BPCL शेयरों पर एक्सपर्ट की राय
JM Financial ने भारत पेट्रोलियम (BPCL) पर सतर्क रुख बनाए रखा, और Reduce रेटिंग के साथ 285 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा। ब्रोकरेज ने कहा कि BPCL के मैनेजमेंट ने फ्यूल की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना पर टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन यह माना कि मौजूदा चुनौती सप्लाई की उपलब्धता में नहीं, बल्कि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों में है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, BPCL को Q4FY26 में इन्वेंट्री से हुए मुनाफे और बेहतर मार्केटिंग परफॉर्मेंस से फायदा हुआ। इस दौरान कंपनी का ब्लेंडेड ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन 5.6 रुपये प्रति लीटर रहा, जो अनुमानों से ज्यादा था। ब्रोकरेज ने कंपनी को 'न्यूट्रल' रेटिंग देते हुए, प्रति शेयर 265 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
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