हाल ही में कई म्यूचुअल फंड निवेशकों को यह जानकारी मिली कि उनकी मौजूदा केवाईसी स्थिति अमान्य हो गई है। इसकी वैधता के लिए केवाईसी रजिस्ट्रेशन के दौरान पहचान पत्र या एड्रेस प्रूफ के प्रमाण द्वारा निर्धारित की जाती है। रेगुलेटर ने आधिकारिक तौर पर ऑफिशियल वैलिड डॉक्यूमेंट (ओवीडी) की सूची को सीमित कर दिया है जिन्हें प्रूफ के रूप में यूज किया जा सकता है।
यदि आपका पूर्व रजिस्टर्ड केवाईसी नॉन- ओवीडी डॉक्यूमेंट्स के साथ किया गया था, या आपका ई-मेल या फिर मोबाइल नंबर वैरिफाइड नहीं था, तो उसे 'रोक' दिया गया होगा।

1 अप्रैल से नियमों में बदलाव के बाद अगर आपका केवाईसी 'वैध' नहीं है तो आपको यह प्रक्रिया दोहरानी पड़ सकती है। लेकिन आपको री-केवाईसी प्रक्रिया ऑनलाइन करनी है या ऑफलाइन चलिए जानते हैं।
किन म्यूचुअल फंड निवेशकों को री-केवाईसी ऑनलाइन कराना होगा?
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और स्टॉक मार्केट टुडे के संस्थापक, वीएलए अंबाला के अनुसार, जिन लोगों ने अपने आधार को पैन के साथ लिंक किया है और उनके आधार नंबर से एक मोबाइल नंबर भी जुड़ा हुआ है, वे लोग री- केवाईसी प्रक्रिया ऑनलाइन कर सकते हैं।
किन म्यूचुअल फंड निवेशकों को री-केवाईसी ऑफलाइन करवानी होगी?
वीएलए अंबाला के अनुसार, अगर आप एड्रेस, आधार और पैन के साथ वैरिफाइड हैं तो पुन: केवाईसी प्रक्रिया को ऑनलाइन करना संभव है लेकिन यदि आधार का उपयोग पुन: केवाईसी के लिए नहीं किया जाता है तो इसे ऑफलाइन करना होगा।
किसी भी म्यूचुअल फंड निवेशक के लिए एक तरीका यह भी है कि उन्हें री-केवाईसी प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा करना होगा और दोनों पुराने और नए इंवेस्टमेंट फोलियो में निवेश के लिए अपने आधार का उपयोग करके इसे पैन के साथ लिंक करना होगा। इस प्रक्रिया कि मदद से उन्हें केवाईसी प्रक्रिया को फिर से नहीं करना पड़ेगा।
यदि आपके री- केवाईसी प्रक्रिया में गलत जानकारी दर्ज हो गई है तो क्या होगा?
वीएलए अंबाला ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि यदि ऐसी स्थिति होती है जहां किसी व्यक्ति का फोन नंबर री- केवाईसी प्रोसेस के दौरान गलत तरीके से कैप्चर हो गया है, तो नियमों के अनुसार यह गलत तरीके से कैप्चर किया गया मोबाइल नंबर उस व्यक्ति के सभी म्यूचुअल फंड फोलियो में अपडेट हो जाएगा। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि वह व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट कर ले और उसे ठीक कर ले।
यदि आपने अपने म्यूचुअल फंड का री- केवाईसी नहीं कराया तो क्या होगा?
ऐसी कंडिशन में बांड इंडियन क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईसीसीएल) के पास आपके बॉन्ड फंस गए और जब तक आप री- केवाईसी नहीं कराएंगे तब तक आपको अपने निवेश को एक्सेस करने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि आपका डिमैट अकॉउंट भी बंद कर दिया जाएगा। जब आपकी री-केवाईसी प्रक्रिया अप्रूव हो जाएगी आ इसे एक्सेस कर पाएंगे।
आपको बता दें कि कई लोगों ने केवाईसी प्रोसेस के लिए यूटिलिटी बिल और बैंक स्टेटमेंट को आधिकारिक तौर पर ऑफिशियल वैलिड डॉक्यूमेंट के रूप में उपयोग करते हैं लेकिन ये दोनों डॉक्यूमेंट अब निवेश खाते के केवाईसी उद्देश्यों के लिए ओवीडी नहीं माने जाते हैं।
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