मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल के मुकाबले इसमें 40 फीसदी की कमी आई है। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और रिटेल निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (profit booking) को इस सुस्ती की मुख्य वजह माना जा रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों से एक बड़ा बदलाव संकेत मिल रहा है। हालांकि, कुल निवेश घटने के बावजूद देश भर में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आने वाला पैसा अपनी जगह मजबूती से टिका हुआ है।
निवेश में आई यह अचानक गिरावट दिखाती है कि रिटेल निवेशक अब बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर थोड़े सावधान हो गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से अब कई निवेशकों का ध्यान फिक्स्ड इनकम एसेट्स की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में देश के बड़े बैंकों ने भी नई लिक्विडिटी जुटाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। ऐसे में जून के महीने में आपके पास मौजूद एक्स्ट्रा पैसों के लिए बाजार में काफी मुकाबला देखने को मिल रहा है। अब निवेशकों को यह तय करना होगा कि वे अपनी पूंजी कहां लगाएं।

SIP vs FD: जून में निवेश के लिए क्या है बेस्ट स्ट्रैटेजी?
SIP और FD में से किसी एक को चुनना पूरी तरह आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है। इक्विटी में ज्यादा रिटर्न की संभावना तो होती है, लेकिन मौजूदा दौर में इसमें बाजार का जोखिम भी काफी है। वहीं, बाजार की अचानक होने वाली हलचल से बचने के लिए डेट फंड और सोना भी पोर्टफोलियो के लिए जरूरी हैं। ब्याज दरों में हालिया बदलाव के बाद, सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक साल की बैंक FD काफी आकर्षक नजर आ रही है।
| निवेश का विकल्प | संभावित रिटर्न | जोखिम का स्तर |
|---|---|---|
| बैंक FD | 7.0% - 8.2% | कम |
| इक्विटी MF (SIP) | 12% - 15% | ज्यादा |
| डेट फंड्स | 7.5% - 8.5% | मध्यम |
नए निवेशक जून में कैसे बनाएं अपना पोर्टफोलियो?
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के समय में यह हमेशा से एक भरोसेमंद विकल्प रहा है। फिलहाल निवेशक ब्याज दरों में गिरावट आने से पहले बेहतर रिटर्न पाने के लिए डेट फंड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। पारंपरिक लॉन्ग-टर्म लॉक-इन प्रोडक्ट्स की तुलना में ये विकल्प ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं। इन अलग-अलग एसेट्स के बीच सही तालमेल बिठाकर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि बाजार के उतार-चढ़ाव में भी आपके पोर्टफोलियो की वैल्यू ज्यादा न गिरे।
अगर आप महज छह महीने के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो FD या लिक्विड फंड्स को प्राथमिकता दें। वहीं, तीन साल से ज्यादा के लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों के लिए वेल्थ क्रिएशन का सबसे अच्छा जरिया अब भी SIP ही है। एक स्मार्ट निवेशक वही है जो अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करके अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस रखे। यह स्ट्रैटेजी जोखिम को कम करने और इस अनिश्चित बाजार में भी ग्रोथ हासिल करने में मदद करती है।


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