भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 जून को रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.50 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा। आरबीआई के इस फैसले का सीधा असर आपके होम लोन की ब्याज दरों और हर महीने जाने वाली EMI पर पड़ता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और HDFC बैंक समेत देश के लगभग सभी बड़े बैंकों ने जून महीने के लिए अपनी नई ब्याज दरें जारी कर दी हैं। अगर आप अपने लिए सबसे सस्ता होम लोन तलाश रहे हैं, तो इन बदलावों पर नजर रखना आपके लिए बेहद जरूरी है।
चूंकि आरबीआई ने दरों को स्थिर रखा है, इसलिए होम लोन की ब्याज दरें भी फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, आपको किस रेट पर लोन मिलेगा, यह बैंक के 'स्प्रेड' और आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसे सरकारी बैंक अक्सर काफी कम ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं। सही बैंक का चुनाव न करने पर आपको सालों तक भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि सही बैंक चुनकर आप ब्याज के रूप में लाखों रुपये बचा सकते हैं।

Home Loan Rates: जून में किस बैंक में मिल रहा है सबसे सस्ता लोन? यहां देखें पूरी लिस्ट
मौजूदा मार्केट को समझने के लिए बड़े बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी है। आजकल ज्यादातर बैंक अपने होम लोन को रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) से जोड़कर रखते हैं। इसका फायदा यह है कि जब भी केंद्रीय बैंक दरों में कोई बदलाव करता है, तो उसका असर तुरंत ग्राहकों तक पहुंचता है। नीचे 75 लाख रुपये तक के लोन और अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों के लिए शुरुआती ब्याज दरों और प्रोसेसिंग फीस की जानकारी दी गई है।
| बैंक का नाम | शुरुआती ब्याज दर | प्रोसेसिंग फीस |
|---|---|---|
| Bank of India | 8.30% से शुरू | शून्य से 0.25% तक |
| PNB | 8.40% से शुरू | 0.35% तक |
| SBI | 8.50% से शुरू | 0.35% + GST |
| HDFC Bank | 8.70% से शुरू | 0.50% तक |
Home Loan Refinancing: ऐसे कम हो जाएगी आपके लोन की ब्याज दर
अगर आपके होम लोन की मौजूदा ब्याज दर 9 प्रतिशत से ज्यादा है, तो आपको 'बैलेंस ट्रांसफर' के विकल्प पर विचार करना चाहिए। इस प्रक्रिया में आप अपना बकाया लोन कम ब्याज दर ऑफर करने वाले किसी दूसरे बैंक में शिफ्ट कर सकते हैं। इसके लिए आपको सैलरी स्लिप और टैक्स रिटर्न जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। हालांकि, बैंक बदलने से पहले स्विचिंग कॉस्ट और होने वाली कुल बचत की तुलना जरूर कर लें। ब्याज दर में महज 0.5 प्रतिशत की कटौती भी लंबे समय में आपका बड़ा आर्थिक बोझ कम कर सकती है।
EMI कैलकुलेशन: ब्याज दर बढ़ने से आपकी जेब पर कितना बढ़ता है बोझ?
मान लीजिए आपने 20 साल के लिए 8.5 प्रतिशत की दर पर 50 लाख रुपये का लोन लिया है, तो आपकी EMI 43,391 रुपये होगी। लेकिन अगर यही ब्याज दर बढ़कर 9 प्रतिशत हो जाती है, तो आपको हर महीने 1,595 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। आजकल ज्यादातर नए लोन MCLR या RLLR पर आधारित होते हैं। लोन लेते समय लीगल फीस या टेक्निकल इवैल्यूएशन जैसे छिपे हुए खर्चों की जांच जरूर करें। सही प्लानिंग के जरिए आप इस हाई-रेट साइकिल में भी अपने कर्ज को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।


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