जियो प्लेटफॉर्म्स को एक के बाद एक इंवेस्टमेंट के लिए निवेशकों की लाइन लगी है। पिछले 1 महीने में पांचवा बड़ा इंवेस्टमेंट मिला है।
नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स को एक के बाद एक इंवेस्टमेंट के लिए निवेशकों की लाइन लगी है। पिछले 1 महीने में पांचवा बड़ा इंवेस्टमेंट मिला है। अमेरिका की कंपनी केकेआर ने आज जियो प्लेटफॉर्म पर 2.32% इक्विटी के लिए 11,367 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। बता दें कि देश की बड़ी डिजिटल सर्विसेज प्लेटफॉर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेफॉर्म्स ने शुक्रवार को इस डील की घोषणा की।

केकेआर जियो प्लेफॉर्म्स में 2.32 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 11,367 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एशिया में केकेआर का सबसे बड़ा निवेश है। जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपये और एंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। अब इस डील के साथ ही, जियो ने पिछले एक महीने में निवेश के जरिए करीब 78,562 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं। झटका : Jio ने बंद किया अपना सबसे सस्ता प्री-पेड प्लान ये भी पढ़ें
एक महीने में मिला 5वां बड़ा इंवेस्टमेंट
जियो प्लेटफॉर्म्स ने पिछले एक महीने में 5 बड़ी डील की है। रिलायंस जियो में निवेश करनी वाली कंपनियों की लिस्ट में फेबसुक, सिल्वर लेक पार्टनर्स, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक के बाद अब केकेआर शामिल हो गई है। इसी के साथ अब जियो प्लेटफॉर्म ने 78,562 रुपए की डील को पूरा कर लिया है। इन सभी डील के बाद अब जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू और एंटरप्राइज वैल्यू में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। मालूम हो कि जियो की शुरुआत 2016 में हुई थी। जिसके बाद धीरे-धीरे कंपनी ने टेलिकॉम इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा ली। टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड से लेकर ई कॉमर्स में इसने अपना विस्तार किया और 38 करोड़ ग्राहकों तक पहुंच गई।
जानिए आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने क्या कहा
इस मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया के सबसे सम्मानित वित्तीय निवेशकों में से एक केकेआर का एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में स्वागत करते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है। केकेआर भारतीय डिजिटल इको सिस्टम में बदलाव की हमारी यात्रा का हमसफर बनेगा। इतना ही नहीं यह सभी भारतीयों के लिए लाभप्रद होगा। केकेआर , भारत में एक प्रमुख डिजिटल सोसाइटी के निर्माण के हमारे महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साझाकरता है। एक महत्वपूर्ण भागीदार होने का केकेआर का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। हम जियो को आगे बढ़ाने के लिए केकेआर के वैश्विक प्लेटफॉर्म, इंडस्ट्री की जानकारियां और परिचालन विशेषज्ञता का लाभ उठाने की उम्मीद करते हैं। वहीं इस मौके पर केकेआर के सह-संस्थापक हेनरी क्राविस ने कहा कि देश के डिजिटल इकोसिस्टम को बदलने की ऐसी क्षमता कुछ कंपनियों के पास ही होती है जैसा की जियो प्लेटफॉर्म्स के पास है। यह एक सच्चा स्वदेशी प्लेटफॉर्म है जो भारत में डिजिटल क्रांति कर रहा है और इसके पास देश को प्रौद्योगिकी समाधान और सेवाएं देने की बेजोड़ क्षमता है।
रिलायंस जियो के अन्य बड़े सौदे
इस तरह केकेआर डील से पहले रिलायंस जियो ने चार बड़ी मेगा डील की और इनके जरिए 67,194.75 करोड़ रुपये का फंड हासिल किया। बता दें कि इस क्रम में सबसे पहले फेसबुक ने रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी 43,574 करोड़ रुपये में लेने का एलान किया था। फेसबुक डील के कुछ ही दिन बाद दुनिया के सबसे बड़े टेक इन्वेस्टर सिल्वरलेक ने 5,665.75 करोड़ रुपये में जियो की 1.15 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके अलावा अमेरिका की विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने जियो प्लेटफॉर्म्स की 2.32 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का एलान किया था और इसके लिए 11,367 करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब पिछले एक महीने में हुए इंवेस्टमेंट
- 22 अप्रैल 20- फेसबुक इंक- 9.99% 43,574 रु करोड़
- 4 मई, 20- सिल्वर लेक- 1.15% 5655.75 रु करोड़
- 8 मई, 20- विस्टा इक्विटी पार्टनर्स- 2.32% 11,367 रु करोड़
- 17 मई, 20- जनरल अटलांटिक- 1.34% 6598.38 रु करोड़
- 22 मई, 20- केकेआर- 2.32% 11,367 रु करोड़


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