Upcoming Budget 2024: आपको बता दें की 1 फरवरी 2024 को भारत सरकार यूनियन बजट पेश करने वाली है। ऐसे में विशेषज्ञों द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि यह बजट बैंकिंग सेक्टर में रिफॉर्म पर भी आधारित हो सकता है। आपको बताते चलें कि पहले बजट में सरकार ने कर्ज में डूबे बैंकों के कर्ज में कमी लाने पर ध्यान केंद्रित किया था और इसके जबरदस्त रिजल्ट भी देखने को मिले थे।
आपको बताते चलें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार छठ यूनियन बजट पेश करेंगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 5 जुलाई 2019 को निर्मला सीतारमण ने पहली बार बजट पेश किया था। आपको बताते चले की 1 फरवरी 2024 को आने वाला बजट सिर्फ वोट ऑन अकाउंट होगा। इस बात की वित्त मंत्री द्वारा पिछले हफ्ते में ही दी गई है।

आपको बताते चलें कि वित्त मंत्री ने बताया है कि इस 1 फरवरी को आने वाले बजट में कोई भी बड़ा फैसला या ऐलान नहीं होगा। ऐसा कोई भी फैसला अगले पूर्ण बजट में लिया जाएगा। एक्सपर्ट का कहना है कि अंतरिम बजट में कोई बड़ा ऐलान तो नहीं होने वाला है लेकिन सरकारी बैंकों को बेहतर बनाने पर फोकस जरूर किया जा सकता है।
आपको बताते चलें कि सरकार ने बजट 2024 में सरकारी बैंकों के कर्ज में कमी लाने की पूरी कोशिश की थी। इसके जबरदस्त परिणाम देखने को मिले हैं। प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों का एनपीए काफी ज्यादा था। लेकिन इस साल के मार्च में आई रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों का ग्रॉस एनपीए घटकर 3.9 प्रतिशत पर आ गया था। आपको बताते चलें की यह पिछले 10 साल का सबसे कम एनपीए है। वहीं नेट नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स घटकर 1 फिसदी पर आ गया है।
ऐसा माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष तक आईडीबीआई बैंक को किसी निजी बैंक को बेचने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। वहीं बैंकों को डिजिटल बनाने में भी सरकार का जबरदस्त फॉक्स लगा हुआ है, इसके साथ ही टेक्नोलॉजी का उसे बढ़ाने पर भी जोड़ दिया जा रहा है। बैंकों की टेक्नोलॉजी को और ज्यादा बेहतर बनाने के साथ डिजिटाइजेशन को लेकर आने वाले अंतरिम बजट में कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है।
आपको बताते चलें कि सरकार सरकारी बैंकों के कर्ज में कमी लाने के लिए तो कम कर ही रही है, साथ ही उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर बनाया जा रहा है ताकि वह प्राइवेट बैंकों को जबरदस्त टक्कर दे सके और अपनी सर्विस को तेज और ज्यादा बेहतर बना सके। विशेषज्ञों के अनुसार इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर सरकार इस अंतरिम बजट के दौरान बैंकिंग रिफॉर्म्स पर फोकस कर सकती है।
आरबीआई के अनुसार आने वाले समय में देश की जीडीपी काफी बेहतर हो सकती है और सब वित्त वर्ष 2024 के अंत तक इसके 7.5 प्रतिशत तक पहुंचाने का अनुमान है। ऐसे में कंपनियों को केपिटल एक्सपेंड के लिए फंड की भी जबरदस्त जरूरत पड़ेगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार बैंकों के कैपिटल को बढ़ाने पर भी बड़े निर्णय ले सकती है। इसके तहत बैंकों को मार्केट से पैसा जीतने की इजाजत भी दी जा सकती है। इसके अलावा सरकारकई बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर भी फोकस बढ़ा सकती है।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 8 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज रविवार को गोल्ड रेट सस्ता हुआ या महंगा

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: होली पर सस्ता हुआ सोना-चांदी का भाव, जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट



Click it and Unblock the Notifications