Nifty Target: विदेशी ब्रोकरेज ने घटाया निफ्टी का टारगेट, क्या बाजार पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा?

Nifty Target: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Citi ने निफ्टी के लिए 12 महीने का टारगेट 27,000 से घटाकर 26,000 कर दिया है। फर्म का मानना ​​है कि अगर जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं होता है, तो कंपनियों की कमाई के अनुमान और घटने का जोखिम बना रहेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Citi ने कहा कि इनपुट कॉस्ट का बढ़ना और कीमतों में संभावित बढ़ोतरी निकट भविष्य के जोखिम हैं, हालांकि हालिया गिरावट के बाद भारत का वैल्यूएशन लंबे समय के औसत के मुकाबले सही लग रहा है और घरेलू मांग के रुझान भी ठीक हैं।

Nifty Target

आज गुरुवार को निफ्टी 23,300 के करीब ट्रेड कर रहा था। सिटी का टारगेट अभी भी बताता है कि अगले 12 महीनों में 50-स्टॉक वाले इंडेक्स में 12% की बढ़त की संभावना है। निफ्टी टारगेट में यह नई कटौती सिटी द्वारा मार्च में निफ्टी टारगेट को 28,500 से घटाकर 27,000 करने के कुछ महीनों बाद की गई है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, सिटी के एनालिस्ट सुरेंद्र गोयल और विजित जैन ने कहा कि ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट फंड में भारत का एलोकेशन पिछले पांच साल के निचले स्तर के करीब है और एक्टिव अंडरवेट पोजिशनिंग दो दशकों में सबसे ऊंचे स्तर के पास है। यह विदेशी ब्रोकरेज फर्म यूटिलिटीज, डिफेंस, टेलीकॉम और हेल्थकेयर सेक्टर पर 'ओवरवेट' है। वहीं, यह इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल्स और कंज्यूमर स्टेपल्स पर 'अंडरवेट' है।

CITI ने सेक्टर का नजरिया क्या बताया?

सिटी ने एक अहम चिंता जताई है कि मार्च तिमाही में दिखी मजबूत कंज्यूमर डिमांड का ट्रेंड आगे भी बना रहेगा या नहीं। हालांकि उस दौरान खपत उम्मीद से बेहतर रही, लेकिन ब्रोकरेज का मानना ​​है कि महंगाई के दबाव और अलग-अलग सेक्टर में डिमांड में असमान रिकवरी के कारण उस तेजी को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

इसमें बताया गया है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स की कम हिस्सेदारी का मतलब है कि अगर मौजूदा मुश्किलें कुछ कम होती हैं, तो मार्केट में बढ़त की गुंजाइश है। वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और FII की निकासी रुकने या उलटने से मार्केट में तेजी आ सकती है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो सिटी (Citi) अभी भी घरेलू मार्केट पर फोकस करने वाले और डिफेंसिव शेयरों को पसंद कर रहा है। वे फाइनेंशियल, टेलीकॉम, हेल्थकेयर और यूटिलिटी सेक्टर में 'ओवरवेट' बने हुए हैं। दूसरी ओर, वे IT सर्विस, कंज्यूमर स्टेपल्स और मेटल सेक्टर में 'अंडरवेट' (कम हिस्सेदारी) हैं। साथ ही, उन्होंने डिफेंस सेक्टर के बारे में भी कहा है कि वहां अब वैल्यूएशन उतने आकर्षक नहीं रहे हैं।

खास शेयरों की बात करें तो ब्रोकरेज ने हाल ही में कवरेज शुरू करने के बाद 'हिताची एनर्जी' (Hitachi Energy) को नई पसंद के तौर पर शामिल किया है। बेंचमार्क इंडेक्स में हालिया गिरावट को देखते हुए यह सतर्क रुख अपनाया गया है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

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