सोमवार, 3 अगस्त 2026 से भारतीय शेयर बाजार के बंद होने का तरीका बदलने जा रहा है। SEBI का नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) अब दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक चलेगा। पहले फेज में इसमें सिर्फ उन शेयरों को शामिल किया गया है जिनमें डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (F&O) होते हैं। वहीं, इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:40 बजे तक जारी रहेगी। इस ऑक्शन के जरिए तय होने वाली क्लोजिंग प्राइस ही इंडेक्स, ETF और म्यूचुअल फंड की NAV के लिए बेंचमार्क मानी जाएगी। रिटेल ट्रेडर्स को सोमवार को बाजार खुलने से पहले अपने डेली रूटीन में ये जरूरी बदलाव कर लेने चाहिए।
बाजार की एक सही और पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए इस ऑक्शन को चार छोटे हिस्सों में बांटा गया है। दोपहर 3:15 बजे से सिस्टम 3:00 से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के आधार पर एक रेफरेंस प्राइस कैलकुलेट करेगा। 3:20 से 3:25 बजे के बीच मार्केट और लिमिट ऑर्डर लिए जाएंगे। 3:25 बजे के बाद सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही दिए जा सकेंगे, जो 3:30 बजे तक किसी भी रैंडम समय पर बंद हो सकते हैं। इसके बाद 3:35 बजे तक ऑर्डर्स की मैचिंग होगी ताकि सही क्लोजिंग प्राइस (Equilibrium Price) का पता चल सके।

SEBI क्लोजिंग ऑक्शन: नया टाइमटेबल और जरूरी जानकारी
| सेशन | समय | क्या होगा |
|---|---|---|
| क्लोजिंग ऑक्शन (कैश) | दोपहर 3:15–3:35 | ऑर्डर कलेक्शन, रैंडम क्लोज और प्राइस डिस्कवरी |
| इक्विटी डेरिवेटिव्स | दोपहर 3:40 तक | फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग जारी रहेगी |
| पोस्ट-क्लोज (कैश) | दोपहर 3:50–4:00 | तय क्लोजिंग प्राइस पर ट्रेडिंग |
शुरुआत में सिर्फ F&O वाले शेयरों में ही ऑक्शन के जरिए क्लोजिंग होगी; बाकी शेयरों के लिए पुरानी 30 मिनट की VWAP पद्धति ही चलती रहेगी। ऑक्शन से निकली कीमतें ही इंडेक्स कैलकुलेशन और सेटलमेंट वैल्यू का आधार बनेंगी। पोस्ट-क्लोज ट्रेडिंग विंडो पहले की तरह ही रहेगी, लेकिन अब यह ऑक्शन से तय कीमत पर आधारित होगी। उम्मीद है कि इस बदलाव से बाजार बंद होने के समय लिक्विडिटी एक जगह जमा होगी, जिससे बेंचमार्क और एक्जीक्यूटेड कीमतों के बीच का अंतर कम होगा।
3:40 तक F&O ट्रेडिंग: ट्रेडर्स के लिए काम की बातें
अपने इंट्राडे एग्जिट की प्लानिंग अब थोड़ा पहले करें, क्योंकि रैंडम क्लोज के दौरान कैश मार्केट के ऑर्डर फ्रीज हो सकते हैं। जब 3:15 से 3:35 के बीच ऑक्शन चल रहा हो, तब आप F&O में अपनी हेजिंग एडजस्ट कर सकते हैं। अपने ब्रोकर के स्क्वायर-ऑफ टाइम और ऐप नोटिफिकेशन को आज ही चेक कर लें। स्लिपेज (Slippage) से बचने के लिए दोपहर 3:28 से 3:30 के बीच मार्केट ऑर्डर डालने से बचें। अगर आप इंडेक्स या ETF ट्रैक करते हैं, तो आखिरी मिनट के ट्रेड्स के बजाय ऑक्शन डेटा पर नजर रखें।
इस नई व्यवस्था का मकसद बाजार में पारदर्शिता लाना और भारतीय मार्केट को ग्लोबल स्टैंडर्ड के बराबर खड़ा करना है। सोमवार के लिए तीन मुख्य समय याद रखें: ऑक्शन 3:15-3:35, F&O ट्रेडिंग 3:40 तक और पोस्ट-क्लोज सेशन 3:50-4:00 बजे। पहले हफ्ते को एक ट्रायल की तरह लें और अपने ऑर्डर एग्जीक्यूशन, एल्गोरिदम सेटिंग्स और मार्जिन के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखें। थोड़े से बदलाव के साथ रिटेल ट्रेडर्स इस नई व्यवस्था में आसानी से ढल सकते हैं।


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