एग्जिट पोल और घरेलू मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों की वजह से शेयर बाजार में तूफानी तेजी दर्ज की जा रही. रिकॉर्ड तेजी के चलते बाजार में प्रमुख इंडेक्स ऑल टाइम हाई पर ट्रेड कर रहे. पहली बार सेंसेक्स 76,738 और निफ्टी 23,338 तक पहुंचे. बाजार की शुरुआती तेजी में निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ का फायदा हुआ, क्योंकि मार्केट वैल्यू में उछाल दर्ज की गई. बाजार की तेजी में सरकारी शेयरों के साथ अडानी ग्रुप के शेयर फोकस में हैं. ऐसे में जानना जरूरी है कि अगले 4 से 6 महीनों में बाजार कहां तक जा सकता है?
4-6 महीने के लिए मार्केट आउटलुक
प्राइम वेल्थ फिनसर्व के को-फाउंडर और एग्जिक्युटिव डायरेक्टर चक्रवर्धन कप्पाला ने कहा कि 6 एग्जिट में भाजपा की नेतृत्व वाली NDA की जीत से बाजार में जोश दिख रहा. ऐसे में निफ्टी 50 इंडेक्स इलगे 4 से 6 महीने में करीब 7% तक की मजबूती दिखा सकता है. ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 2014 इलेक्शन के बाद म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का आंकड़ा 6 महीने में 15% तक बढ़ा. क्योंकि निवेशकों को इकोनॉमिक आउटलुक पर भरोसा हुआ.
पिछले 5 सालों से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की औसत ग्रोथ 12% है. ये आगे निवेशकों के बढ़ते भरोसे की वजह बढ़ेगा. खास फंड्स की बात करें तो सेक्टर फंड्स, बिजनेस सायकल फंड्स और PSU फंड्स में निवेश आने की संभावना है.
किन सेक्टर में बनेगा प्रॉफिट?
अरिहंट कैपिटल के जॉइंट एमडी अर्पित जैन ने कहा कि आने वाले तक मार्केट में रैली देखने को मिल सकती है. लेकिन हालिया तेजी के बाद मार्केट में प्रॉफिटबुकिंग की संभावना है. बजट रैली में डिफेंस, रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में तेजी जारी रहेगी. इसके अलावा फाइनेंशियल्स सेक्टर भी तेजी दिखा सकता है.
उन्होंने कहा कि निवेशक मौजूदा हाई पर कुछ प्रॉफिटबुकिंग की सोच सकते हैं. आगे इंतजार कर बाजार में गिरावट पर एंट्री करेंगे. लंबी अवधि के लिए बाजार पर पॉजिटिव नजरिया है. शॉर्ट टर्म के लिहाज से बाजार स्थिरता दिखा सकता है जब तक की जुलाई बजट की डीटेल्स ना आ जाए. अर्पित जैन ने कहा कि BPCL और IDBI Bank के शेयरों में तेजी की क्षमता देख रहे हैं.
जून में कैसा रहेगा मार्केट का मूड?
प्रभुदास लीलाधर एडवाइजरी हेड विक्रम कसत ने कहा कि जून महीने में बुल्स की धमक रहेगी. इस मौके पर और खरीदारी के मौके तलाशने चाहिए. पिछले महीने मैंने गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी बताई. इस महीने के लिए मैं कहना चाहुंगा कि हवा के साथ चलिए. इसके लिए PM मोदी को धन्यवाद.
3 जून को शुरुआती मिनटों में बंपर मुनाफा
शेयर बाजार की रिकॉर्डतोड़ तेजी में निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में 424 लाख करोड़ रुपए के पास पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद 412.12 लाख करोड़ रुपए था. इस लिहाज से निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपए का प्रॉफिट बाजार खुलने के चंद मिनटों में ही हो गया.

शेयर बाजार में सोमवार की तेजी की वजह?
शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह मजबूत घरेलू संकेत हैं. क्योंकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में स्थिर सरकार बन रही है. एग्जिट पोल के मुताबिक NDA को बहुमत मिल रहा है. इससे बाजार खुश है, क्योंकि मौजूदा सरकार में इंफ्रा समेत अन्य सेक्टर पर फोकस जारी रहेगा. इसके अलावा मैक्रो इकोनॉमी के अच्छे आंकड़े भी बाजार को सपोर्ट कर रहे.
बीते हफ्ते आर्थिक मोर्चे पर दोहरी खुशखबरी मिली. Q4 GDP ग्रोथ 6.2 परसेंट से बढ़कर 7.8% हुई. FY24 में ग्रोथ रेट 8.2 परसेंट रही. इसके अलावा बीते वित्त वर्ष का वित्तीय घाटा भी अनुमान से कम 5.6 परसेंट ही रहा. साथ ही टैक्स कलेक्शन में भी मई के दौरान दमदार ग्रोथ जारी रही. मई का GST कलेक्शन 10 फीसदी बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपए रहा.
1 जून को FIIs ने कैश मार्केट में 1613 करोड़ रुपए के शेयर खरीदें थे. अमेरिकी शेयर बाजारों में शुक्रवार को डाओ 1.5% की मजबूती के साथ बंद हुआ. S&P 500 भी करीब एक फीसदी चढ़ा. 10-ईयर की बाॉन्ड यील्ड भी फिसलकर 4.5% के नीचे आ गई. ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया, जोकि 4 महीने के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया है.


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