Share Market के लिए बीता हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत जहां मजबूती के साथ हुई, वहीं अमेरिका के Donald Trump के बयान के बाद ग्लोबल सेंटिमेंट बिगड़ने से बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। हालांकि, घबराहट ज्यादा देर तक नहीं रही और कुछ ही कारोबारी सत्रों में बाजार ने शानदार रिकवरी भी दर्ज कर ली।
GoodReturns के Special Show Sauda Khara Khara में मार्केट एक्सपर्ट Harshal Dasani ने आने वाले हफ्तों के लिए Market Outlook, Risks, Investment Strategy और सेक्टर आधारित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

Share Market में अभी Bull Run बाकी
हर्षल दसानी के मुताबिक, हालिया गिरावट मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल खबरों की वजह से थी, लेकिन बाजार की बुनियादी मजबूती अभी भी बरकरार है। उनका कहना है कि जैसे ही नकारात्मक खबरों का असर कम हुआ, निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार अब "Buy on Dips" की रणनीति पर चल रहा है। यानी हर बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी देखने को मिल रही है। उनका मानना है कि पिछले दो वर्षों में बाजार ने पर्याप्त Price Correction और Time Correction कर लिया है, जिससे आगे नई तेजी की संभावना मजबूत हुई है।
Crude Oil रहेगा सबसे बड़ा ट्रिगर
Harshal का मानना है कि भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम कच्चे तेल की कीमतें हैं।
उनके अनुसार यदि Brent Crude 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना रहता है तो भारतीय इक्विटी बाजार के लिए माहौल सकारात्मक रहेगा। हालांकि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है और तेल की कीमतें फिर 80 डॉलर से ऊपर निकलती हैं, तो बाजार कुछ समय के लिए दबाव में आ सकता है।
फिलहाल उनका आकलन है कि वैश्विक सप्लाई पर्याप्त है और बड़े ऑयल शॉक की संभावना सीमित नजर आती है।
India-US Trade Deal पर रहेगी नजर
मार्केट आउटलुक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भी एक बड़ा ट्रिगर बताया गया।
हर्षल दसानी के मुताबिक, यदि आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता होता है, तो भारतीय बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। उनका मानना है कि यह डील विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
IT सेक्टर पर अभी भी सावधानी
हालांकि हाल के दिनों में आईटी शेयरों में कुछ रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन एक्सपर्ट अभी भी इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं।
उनका कहना है कि Artificial Intelligence (AI) की वजह से पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल पर दबाव बढ़ रहा है। कई कंपनियों की ग्रोथ धीमी पड़ चुकी है और अभी तक मजबूत कमाई की वापसी नहीं दिख रही।
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि केवल शेयर की कीमत बढ़ने के आधार पर निवेश न करें, बल्कि कंपनी की वास्तविक ग्रोथ और कमाई पर ध्यान दें।
किन सेक्टरों में दिख रहा सबसे बड़ा मौका?
Harshal Dasani ने 4 ऐसे सेक्टर बताए जहां उन्हें अगले कुछ वर्षों में मजबूत संभावनाएं दिखाई देती हैं।
1. Power
डेटा सेंटर, AI और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की बढ़ती मांग के कारण पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि इस सेक्टर की ग्रोथ अभी लंबी चल सकती है।
2. Metals
कॉपर, सिल्वर और अन्य इंडस्ट्रियल मेटल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। AI, इलेक्ट्रिफिकेशन और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री इन धातुओं की खपत बढ़ा रही है। ऐसे में मेटल सेक्टर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।
3. Pharma
कमजोर रुपये का फायदा फार्मा कंपनियों को मिल सकता है क्योंकि उनकी बड़ी आय डॉलर में होती है। यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील आगे बढ़ती है तो इस सेक्टर को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
4. Water Management
AI और डेटा सेंटर के विस्तार के साथ पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में Water Management और Water Infrastructure से जुड़ी कंपनियां आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
किन सेक्टरों से फिलहाल दूरी बनाएं?
हर्षल दसानी का मानना है कि फिलहाल IT, Auto, Realty और कुछ Consumption आधारित सेक्टरों में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
उनका तर्क है कि AI के कारण White Collar नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर ऑटो, रियल एस्टेट और उपभोक्ता खर्च पर भी दिखाई दे सकता है।
रेलवे और डिफेंस शेयरों पर क्या राय?
रेलवे और डिफेंस सेक्टर को लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि केवल बड़े ऑर्डर बुक के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनियों की Revenue Growth, Profit Growth और Execution क्षमता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जब तक कमाई में निरंतर सुधार नहीं दिखता, तब तक केवल थीम के आधार पर निवेश से बचना बेहतर रहेगा।
हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार की दीर्घकालिक तस्वीर सकारात्मक बनी हुई है। एक्सपर्ट का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और भारत-अमेरिका ट्रेड डील आगे बढ़ती है, तो बाजार अगले चरण की तेजी के लिए तैयार हो सकता है।
हालांकि निवेशकों को सेक्टर चयन में सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल Power, Metals, Pharma और Water Management जैसे सेक्टर अपेक्षाकृत बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं, जबकि IT, Auto और Realty में निवेश से पहले कंपनियों की ग्रोथ और वैल्यूएशन का गहराई से विश्लेषण करना जरूरी होगा।


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