भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते जबरदस्त दबाव में रहा। Nifty ने अपने अहम सपोर्ट स्तर को तोड़ा, जबकि Sensex में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बढ़ते क्रूड ऑयल और ग्लोबल टैरिफ कंसर्न का रहा। ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या अब बाजार में पुलबैक रैली देखने को मिल सकती है?

मार्केट एक्सपर्ट हरीश जुजारे के मुताबिक, फिलहाल निफ्टी के लिए 23,600 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के नीचे निर्णायक रूप से बंद नहीं होता, तब तक रिकवरी की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। वहीं 23,800 का स्तर अब मजबूत रेजिस्टेंस बन चुका है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर निकलता है, तो शॉर्ट कवरिंग के चलते तेज़ पुलबैक देखने को मिल सकता है।
निफ्टी के लिए खास रणनीति-
टेक्निकल इंडिकेटर्स भी दिलचस्प तस्वीर दिखाता है। पीसीआर (Put-Call Ratio) करीब 0.60 तक पहुंच गया है, जो पहले भी कई बार बाजार में रिवर्सल का संकेत देता रहा है। वहीं आरएसआई (Relative Strength Index) ओवरसोल्ड जोन से धीरे-धीरे रिकवर कर रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल आक्रामक बिकवाली करने के बजाय इंतजार करें और बाजार पर नजर रखें की रणनीति बेहतर रहेगी।
बैंक निफ्टी के लिए रणनीति-
बैंक निफ्टी के लिए 56,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। अगर यह स्तर बना रहता है, तो 56,900 से 57,000 तक की रिकवरी संभव है। लेकिन 56,000 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है, इसलिए ट्रेडर्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
फार्मा, ऑटो, FMCG में क्या करें?
सेक्टोरल इंडाइसेज की बात करें तो हरीश जुजारे अभी भी फार्मा, ऑटो, एफएमसीजी और पावर सेक्टर पर सकारात्मक नजरिया रखते हैं। हीरो मोटोकॉर्प, नेस्ले इंडिया और एचएएल (HAL) जैसे शेयरों का टेक्निकल सेटअप मजबूत दिखाई दे रहा है। वहीं फार्मा सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में भी खरीदारी के अच्छे मौके बनते नजर आ रहे हैं।
IT और रियल्टी में उतार-चढ़ाव का दौर-
दूसरी ओर, आईटी और रियल्टी में फिलहाल उतार-चढ़ाव अधिक बना हुआ है। बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक जोखिमों के चलते इन सेक्टर्स में शेयर-विशेष रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर मौजूदा बाजार में जल्दबाज़ी करने के बजाय रिस्क मैनेजमेंट सबसे अहम रहेगा। सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखते हुए पोजिशन बनाना ज्यादा समझदारी होगी।
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