SBI Funds Management IPO: SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए 545 से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ये आईपीओ 14 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा, जबकि इश्यू 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ का अलॉटमेंट 18 जुलाई को तय होने की उम्मीद है, और रिफंड औ अलॉट किए गए शेयरों का क्रेडिट 20 जुलाई को होना है।

कंपनी के शेयर 21 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, SBI फंड्स मैनेजमेंट का लिस्टिंग के बाद मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह IPO मौजूदा प्रमोटरों - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमंडी इंडिया द्वारा 11,102 करोड़ रुपये तक की बिक्री का ऑफर (OFS) है।
SBI फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ जीएमपी
ग्रे मार्केट एक्टिविटी पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म के अनुसार, 9 जुलाई की सुबह SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का अनौपचारिक बाजार में 12% तक का प्रीमियम चल रहा था। Investorgain ने प्रति शेयर 72 रुपये का GMP बताया, जिससे प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 12.54% का संभावित लिस्टिंग गेन मिलने का संकेत मिलता है।
किसके पास कितने शेयर?
इस ऑफर के तहत, SBI 12.83 करोड़ शेयर (यानी 6.3% हिस्सेदारी) बेचेगा, जबकि जॉइंट वेंचर पार्टनर Amundi India Holding 7.56 करोड़ शेयर (यानी 3.7% हिस्सेदारी) बेचेगा। अभी SBI और Amundi के पास मिलकर SBI Funds Management की लगभग 98% हिस्सेदारी है। फिलहाल, SBI के पास 126 करोड़ शेयर (यानी 61.73% हिस्सेदारी) हैं, जिन्हें लगभग 19 करोड़ रुपये में 0.15 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर खरीदा गया था। IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, इसकी हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 68,670 करोड़ रुपये है, जो लगभग 3,600 गुना बढ़ोतरी को दिखाता है।
Amundi India Holding के पास 74 करोड़ शेयर (यानी 36.26% हिस्सेदारी) हैं, जिन्हें 4.35 रुपये प्रति शेयर की औसत लागत पर खरीदा गया था और इसके निवेश की वैल्यू 322 करोड़ रुपये है। IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, इसकी हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 40,330 करोड़ रुपये है, जो लगभग 125 गुना बढ़ोतरी को दिखाता है।
SBI फंड्स मैनेजमेंट भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है। यह SBI म्यूचुअल फंड के इन्वेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। SBI म्यूचुअल फंड ने जून 1987 में 'यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के बाहर पहली म्यूचुअल फंड इकाई के तौर पर अपना कामकाज शुरू किया था। इसके अलावा, ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी भारत की सबसे बड़ी पैसिव एसेट मैनेजर है। यह एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और इंडेक्स फंड्स को मैनेज करती है, और इसका पैसिव QAAUM 3,99,953 करोड़ रुपये है तथा मार्केट शेयर 29.6% है।


Click it and Unblock the Notifications