PSU Stocks ने पिछले दो वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। रेलवे, डिफेंस और सरकारी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन अब बाजार का फोकस बदलता हुआ नजर आ रहा है। मार्केट एक्सपर्ट हर्षल दसानी का मानना है कि आने वाले समय में सिर्फ "ऑर्डर बुक" देखकर निवेश करने की रणनीति काम नहीं करेगी। अब निवेशकों को Revenue Growth, Profit Growth और सेक्टर की लंबी अवधि की मांग पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

PSU शेयरों की पिछली रैली क्यों आई?
हर्षल दसानी के अनुसार, 2023-24 के दौरान PSU शेयरों में आई तेजी मुख्य रूप से बड़े ऑर्डर बुक, सरकारी कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की उम्मीदों के कारण थी। रेलवे और डिफेंस कंपनियों ने कई गुना रिटर्न दिए, लेकिन अब निवेशकों को यह समझना होगा कि सिर्फ ऑर्डर बुक से कंपनी की वैल्यू तय नहीं होती।
"किसी कंपनी के पास 2 लाख करोड़ या 5 लाख करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक होना अच्छी बात है, लेकिन असली सवाल यह है कि वह ऑर्डर कितनी तेजी से Revenue और Profit में बदल रहा है।" - Harshal Dasani
Railway और Defence पर बरतें सावधानी?
एक्सपर्ट ने कहा कि कई रेलवे और डिफेंस कंपनियों में ऑर्डर बुक मजबूत होने के बावजूद टॉप लाइन और बॉटम लाइन ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रही है। यही वजह है कि कई शेयर बड़ी तेजी के बाद लंबी अवधि के कंसोलिडेशन में चले गए हैं।
उनके मुताबिक निवेशकों को इन सेक्टरों में केवल थीम के आधार पर नहीं, बल्कि Execution क्षमता, Sales Growth और Profit Growth देखकर निवेश करना चाहिए। जब तक कमाई में लगातार सुधार नहीं दिखता, तब तक बड़े रिटर्न की उम्मीद सीमित रह सकती है।
PSU में कहाँ दिख रहा सबसे बड़ा मौका?
हर्षल दसानी का फोकस Metal Theme पर है। उनका मानना है कि AI, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिफिकेशन और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की बढ़ती मांग के कारण कॉपर, एल्यूमिनियम और अन्य इंडस्ट्रियल मेटल्स की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।
इसी वजह से उन्होंने कुछ प्रमुख PSU कंपनियों को रडार पर रखने की बात कही:
- Hindustan Copper
- Bullish Theme
- NMDC
- Metal Demand
- NALCO
- Long Term
इन कंपनियों को उन्होंने AI और इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड के अप्रत्यक्ष लाभार्थी (Proxy Bets) के रूप में देखा है।
Metals Theme क्यों बन सकता है बड़ा ट्रिगर?
एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में सबसे बड़ा बदलाव AI और सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर से आएगा। डेटा सेंटर, पावर ग्रिड और इलेक्ट्रिक नेटवर्क के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में कॉपर, एल्यूमिनियम और अन्य धातुओं की जरूरत होगी।
यही वजह है कि उन्होंने पावर और मेटल्स को लंबी अवधि का स्ट्रक्चरल थीम बताया है। उनका मानना है कि मांग बढ़ने और सप्लाई सीमित रहने की स्थिति में मेटल कंपनियों की कमाई मजबूत हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
Harshal Dasani की सलाह साफ है - "Buy on Dips" यानी गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाएं, लेकिन सेक्टर चयन में सावधानी रखें।
पसंदीदा सेक्टर
- Power
- Metals
- Pharma
सावधानी वाले सेक्टर
- IT
- Auto
- Realty
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि PSU शेयरों में सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर एंट्री न करें। अब Growth, Execution और Valuation सबसे अहम फैक्टर होंगे।
PSU शेयरों में अगला बड़ा मौका सिर्फ रेलवे या डिफेंस तक सीमित नहीं हो सकता। Harshal Dasani का मानना है कि Metal Theme आने वाले वर्षों में AI और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है। ऐसे में:
- Hindustan Copper
- NMDC
- NALCO
जैसी कंपनियां निवेशकों की रडार पर रह सकती हैं।
हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले निवेशकों को कंपनी की कमाई, ऑर्डर के Execution और Valuation का गहराई से विश्लेषण जरूर करना चाहिए।


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