नयी दिल्ली। अगर आपने पोस्ट ऑफिस की किसी भी छोटी बचत योजना मे निवेश किया हुआ है तो ये खबर आपके काम की है। बता दें कि पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं के लिए फिर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी 2021 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए मौजूदा ब्याज दरें ही बरकरार रहेंगी। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनसीएस), पीपीएफ सहित सभी पोस्ट ऑफिस योजनाओं पर मार्च 2021 में समाप्त होने वाली तिमाही के लिए मौजूदा ब्याज दरें लागू रहेंगी। आइए जानते हैं कितना ब्याज मिलता रहेगा।
कितना मिलेगा ब्याज
सरकार ने पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की मौजूदा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसलिए पीपीएफ पर मौजूदा 7.10 फीसदी और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) पर 7.40 ब्याज मिलता रहेगा। इसी तरह पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट निवेशकों को 5.5 प्रतिशत से 6.7 प्रतिशत तक का ब्याज मिलता रहेगा। पीपीएफ के अलावा सरकार सुकन्या समृद्धि योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, टाइम डिपॉजिट और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना सहित पोस्ट ऑफिस कई छोटी बचत योजनाएं ऑफर करता है। इनमें सुकन्या समृद्धि योजना पर सबसे अधिक ब्याज मिलता है।
कब बदल सकती हैं ब्याज दरें
पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा अब मार्च 2021 के आखिर में होगी। तब 2021 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दरों पर निर्णय लिया जाएगा। पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा हर तिमाही में होती है। कल से नई तिमाही शुरू होने जा रही है, इसलिए आज ही दरों का ऐलान कर दिया गया है।
किस योजना पर कितना ब्याज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बचत जमा पर 4 फीसदी, 1 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी, 2 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी, 3 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी, 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर 6.7 फीसदी, 5 वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट पर 5.8 फीसदी, 5 वर्षीय सीनियर सिटिजेन सेविंग स्कीम पर 7.4 फीसदी, 5 वर्षीय मासिक आय खाता पर 6.6 फीसदी, 5 वर्षीय नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 6.8 फीसदी, पीपीएफ पर 7.1 फीसदी, किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी (124 महीनो में मैच्योर होगा) और सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा।
अप्रैल-जून में घटी थीं ब्याज दरें
आखिरी बार 2020 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती की गयी थी। तब इन दरों में 70-140 बेसिस पॉइंट्स कम किए गए थे। इसके बाद जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर और अब जनवरी-मार्च 2021 की तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जानिए कैसे तय होती हैं ब्याज दरें
जैसा कि ऊपर बताया गया सरकार हर तीन महीनों में छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को तय करने का फॉर्मूला श्यामला कमेटी ने दिया था। कमेटी ने यह सुझाव दिया था कि विभिन्न योजनाओं पर ब्याज दर समान परिपक्वता अवधि वाले सरकार के बॉन्ड्स के यील्ड से 0.25 फीसदी से लेकर 1 फीसदी अधिक होना चाहिए।
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