Pharma Stocks Rally: फार्मा शेयरों में क्यों आई जोरदार तेजी, जानिए क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह?

Share Market में आज फार्मा सेक्टर के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिल रही है। जहां एक ओर बाजार में ज्यादा हलचल नहीं रही, वहीं दूसरी ओर निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ अपने नए 52 हफ्तों के उच्च स्तर 25,445.85 पर पहुंच गया। इसके मुकाबले निफ्टी 50 इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करता नजर आया।

Nifty Pharma

फार्मा कंपनियों के शेयरों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब खबरें सामने आई हैं कि भारत की कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन (CDMO) कंपनियां Semaglutide जैसी दवाओं की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ा रही हैं। Semaglutide एक लोकप्रिय GLP-1 दवा है, जिसका इस्तेमाल मोटापा और डायबिटीज के इलाज में किया जाता है। कई देशों में इसके पेटेंट खत्म होने के बाद इसकी मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी फार्मा इंडेक्स 5.4% चढ़ चुका है-

पिछले सात कारोबारी दिनों में निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 5.4 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि इसी दौरान निफ्टी 50 में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि इस समय निवेशकों का रुझान फार्मा सेक्टर की ओर बढ़ रहा है। आज के कारोबार में Dr. Reddy's Laboratories, Cipla, Lupin, Glenmark Pharmaceuticals, Ajanta Pharma, Ipca Laboratories, Laurus Labs, Torrent Pharmaceuticals और Sun Pharma जैसे दिग्गज शेयरों में 2 से 5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने इन कंपनियों में जमकर खरीदारी की।

Semaglutide को लेकर काफी संभावनाएं-

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities का मानना है कि Semaglutide को लेकर बाजार में अभी भी काफी संभावनाएं हैं। पहले यह माना जा रहा था कि इस दवा की मांग धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन अब नए संकेत बताते हैं कि दुनिया के कई देशों से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर अफ्रीका, पश्चिम एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से भारतीय कंपनियों को अच्छी एक्सपोर्ट पूछताछ मिल रही है।

कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुटी हैं-

हालांकि, अमेरिका और यूरोप जैसे रेगुलेटेड बाजारों में अभी भी कुछ दवाओं की सप्लाई सीमित है, क्योंकि वहां Drug Master File (DMF) से जुड़ी मंजूरियों में समय लग रहा है। इसके बावजूद भारतीय कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुटी हुई हैं ताकि आने वाले समय में बढ़ती मांग का फायदा उठाया जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Dr. Reddy's Laboratories इस क्षेत्र में सबसे मजबूत भारतीय कंपनियों में से एक मानी जा रही है। इसके अलावा कुछ अन्य कंपनियां भी इस अवसर का लाभ उठाने की तैयारी कर रही हैं।

USFDA ने मांगी मदद-

इसी बीच एक और सकारात्मक खबर यह है कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) ने भारतीय दवा निर्माताओं से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Ifosfamide दवा की कमी को दूर करने में मदद मांगी है। अगर भारतीय कंपनियां इस मांग को पूरा करती हैं, तो इससे उनके निर्यात और कारोबार दोनों को फायदा मिल सकता है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

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