IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के शेयरों में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 9 फीसदी टूटकर 4,404 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। इस गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर करीब 70,100 करोड़ रुपये रह गया। शेयर में यह तेज गिरावट ऐसे समय आई है, जब कंपनी ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro SE के अधिग्रहण का ऐलान किया है।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को जानकारी दी थी कि वह 81 यूरो प्रति शेयर की कैश डील के जरिए Nagarro के सभी बकाया शेयर खरीदना चाहती है। यह अधिग्रहण कंपनी की सहायक इकाई Galaxy Germany Holding के माध्यम से किया जाएगा। कंपनी का अनुमान है कि यह सौदा वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही तक पूरा हो सकता है।
डील के लिए रेगुलेटरी मंजूरियां अभी बाकी-
इस डील को लेकर कंपनी को शुरुआती स्तर पर बड़ी सफलता भी मिली है। Nagarro की सबसे बड़ी शेयरधारक Lantano Beteiligungen GmbH, जिसके पास लगभग 21 फीसदी हिस्सेदारी है, उसने अपने सभी शेयर बेचने पर सहमति दे दी है। इसके अलावा Nagarro के मैनेजमेंट और सुपरवाइजरी बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, डील पूरी होने से पहले जर्मनी के वित्तीय नियामक BaFin समेत अन्य रेगुलेटरी मंजूरियां मिलना अभी बाकी है।
46,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करेंगे-
कंपनी का कहना है कि इस अधिग्रहण के बाद उसकी AI आधारित इंजीनियरिंग, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमताएं और मजबूत होंगी। वहीं Nagarro की यूरोप में मजबूत पकड़, ERP और कस्टमर एक्सपीरियंस विशेषज्ञता का भी फायदा मिलेगा। दोनों कंपनियों के एक साथ आने के बाद संयुक्त कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन रेट करीब 2.9 अरब डॉलर होगा और 40 से अधिक देशों में 46,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करेंगे।
ब्रोकरेज हाउसों की राय अलग-अलग-
हालांकि, बाजार ने इस डील को लेकर फिलहाल सतर्क रुख अपनाया है। निवेशकों को अधिग्रहण की लागत, फंडिंग और इंटीग्रेशन से जुड़े जोखिमों की चिंता सता रही है। यही वजह रही कि डील के ऐलान के बाद शेयर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। ब्रोकरेज हाउसों की राय भी इस सौदे को लेकर अलग-अलग है। CLSA ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर अपनी'High Conviction Outperform' रेटिंग बरकरार रखते हुए 6,520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
स्टॉक पर 'Sell' रेटिंग बरकरार-
वहीं Citi ने स्टॉक पर 'Sell' रेटिंग बरकरार रखते हुए 4,090 रुपये का टारगेट दिया है। जबकि Elara Securities ने भी निकट अवधि में ग्रोथ और मुनाफे पर दबाव की आशंका जताते हुए 4,280 रुपये का लक्ष्य रखा है। ऐसे में आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस बड़े अधिग्रहण को कितनी सफलतापूर्वक पूरा कर पाती है और इसका असर उसके वित्तीय प्रदर्शन पर कैसा रहता है।
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