Nifty की वीकली एक्सपायरी थी और बाजार की शुरुआत ठीक-ठाक रही। शुरुआती कारोबार में मार्केट में हल्की तेजी देखी गई, निफ्टी करीब-करीब 50-70 प्वाइंट के बीच झूलता हुआ नजर आया। बीच में एक बार 11 बजे के आसपास 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी भी देखने को मिली, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई और मार्केट फिर हल्का हो गया।

समान्य तौर पर देखें तो कंसोलिडेशन का फेज बाजार में दिखने को मिला। हालांकि 2 बजे के बाद हल्की तेजी आई और निफ्टी 24,000 के पार निकल गया। यह तेजी भी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई, लेकिन निफ्टी ने 24,000 का आंकड़ा जरूर छू लिया, जो निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। इस दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहा और ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।
एक्सपायरी के दिन दबाव और कंसोलिडेशन-
हालांकि 24,000 और 24,100 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस की तरह बना हुआ था, इसलिए एक्सपायरी के दिन इसे पार करना थोड़ा मुश्किल रहा। क्योंकि यह कॉल राइटर्स का जोन भी माना जाता है, और एक्सपायरी के दौरान इस लेवल को तोड़ना आसान नहीं होता। कुल मिलाकर बाजार में वीकली एक्सपायरी के दिन दबाव और कंसोलिडेशन दोनों का मिक्स असर देखने को मिला।
निफ्टी के चढ़ने और गिराने वाले शेयर-
निफ्टी के चढ़ने वाले शेयरों में आज HCL Tech 3.5% चढ़ा, Tata Consumer 2.7%, Bajaj Finserv 2.2%, NTPC 2% और HUL भी करीब 2% ऊपर रहा। HCL Tech निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसकी वजह यह थी कि HCL Tech ने Sarvam AI में ₹1,427 करोड़ के निवेश का ऐलान किया था।
अब अगर निफ्टी के गिरने वाले शेयरों की बात करें तो Hindalco 3% गिरा, यह पहले करीब 5% तक नीचे था लेकिन बाद में इसमें लोअर लेवल से रिकवरी देखने को मिली। JSW Steel करीब 2% गिरा, HDFC Life 1% से ज्यादा नीचे रहा। इसके अलावा Apollo Hospitals, Indigo, Tata Motors और Maruti में भी करीब 1% की गिरावट देखने को मिली।
सेक्टोरल इंडाइसेज का हाल कैसा-
सेक्टोरल इंडाइसेज की बात करें तो आज मिक्स संकेत देखने को मिला। Nifty Realty और IT में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई, करीब 2% के आसपास। रियल्टी में कल भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिली थी और आज फिर से इसमें बढ़त रही। वहीं IT की तेजी को Coforge और HCL Tech ने लीड किया, इसके बाद LTIMindtree, Persistent Systems और TCS में भी तेजी देखने को मिली। वहीं सेक्टोरल में सबसे अधिक गिरावट मेटल सेक्टर में रही। Vedanta Aluminium and Metal, NALCO और Hindalco करीब 5% तक गिर गए।
मेटल सेक्टर में बड़ी गिरावट-
मेटल में गिरावट की बड़ी वजह रही लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्यूमिनियम की कीमतों में आई तेज गिरावट। LME पर तीन महीने के एल्यूमिनियम कॉन्ट्रैक्ट में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और कारोबार के दौरान कीमतें 5% तक फिसलकर मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर भी पहुंच गई थीं, जिसका असर साफ मेटल शेयरों पर देखने को मिला। वहीं ऑटो में कल की तगड़ी तेजी के बाद आज हल्की मुनाफावसूली हावी रही। कुल मिलाकर सेक्टोरल इंडाइसेज में मिक्स कारोबार देखने को मिला।
आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स-
आज के टॉप गेनर्स की बात करें तो निफ्टी 500 में Sonata Soft करीब 20% तक उछल गया। इसके अलावा Fert and Chem में करीब 10%, MMTC में करीब 8% और PG Electroplast में करीब 7% की बढ़त देखने को मिली। अगर लूजर्स में देखें तो General Insurance करीब 8% गिरा, PTC Industries में करीब 5% गिरावट, NALCO में 4% की गिरावट और Acutaas Chem में करीब 4% की गिरावट देखने को मिली।
जापान ने दिया नया टेंशन-
ग्लोबल संकेत पर नजर डालें तो ईरान-अमेरिका जंग का सरदर्द कम हुआ ही था कि जापान ने टेंशन दे दिया। जापान ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। एक ही दिन में जब विदेशी निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली थी, तभी जापान की ओर से दरें बढ़ाने का फैसला आ गया। जनवरी से मई 2026 के बीच विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से भारी पैसा निकाला है। अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि जापान के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरें 31 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दी हैं।
असल में, लंबे समय तक विदेशी निवेशक सस्ते जापानी फंड का इस्तेमाल करके उभरते बाजारों जैसे भारत में निवेश करते रहे हैं। लेकिन अब जब जापान में ब्याज दरें बढ़ गई हैं, तो यह सस्ता पैसा मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से यह चिंता बढ़ गई है कि FPI अपना पैसा भारत जैसे emerging markets से निकालकर वापस अमेरिका और बाकी विकसित देशों की ओर ले जा सकते हैं, जहां उन्हें बेहतर और सुरक्षित रिटर्न मिल सकता है। दूसरी तरफ 17 जून को Fed की घोषणा पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी।
आगे लिए क्या है घरेलू फैक्टर्स-
अब अगर घरेलू फैक्टर्स की बात करें तो भले ही कोई बहुत बड़ा ट्रिगर नहीं है, लेकिन कुछ अहम चीजें बाजार को सपोर्ट कर रही हैं। पहला, 17 जून को G7 बैठक के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात होने वाली है, जहां ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।
इसके अलावा अगर रुपये की मजबूती बनी रहती है तो विदेशी निवेशकों यानी FIIs की वापसी भी देखने को मिल सकती है, जो बाजार के लिए बड़ा सपोर्ट बन सकता है। साथ ही घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार को नीचे गिरने से रोक रही है। यानी कुल मिलाकर, ग्लोबल राहत, तेल में गिरावट, मजबूत करेंसी और संभावित पॉलिसी संकेत-ये सभी फैक्टर्स मिलकर फिलहाल बाजार की दिशा और दशा तय कर रहे हैं।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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