
New system being implemented in the country for mobile phone tracking: सरकार देश में मोबाइल फोन की ट्रेकिंग का एक नया सिस्टम लागू कर दिया है। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करने के उद्देश्य से संचार साथी पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल की मदद से उपयोगकर्ता अपने सिम कार्ड नंबर तक भी पहुंच सकते हैं।
संचार साथी पोर्टल में 3 सुधार सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर), नो योर मोबाइल कनेक्शन और एएसटीआर (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड फेशियल रिकॉग्निशन पावर्ड सॉल्यूशन फॉर टेलीकॉम सिम सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन) पेश किए गए हैं।
सीईआईआर चोरी/खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक करने के लिए है। वहीं अपने मोबाइल कनेक्शन को जानने के लिए आपके नाम पर पंजीकृत मोबाइल कनेक्शन को जानना है और एएसटीआर धोखेबाज ग्राहकों की पहचान करने में मदद करेगा।
संचार साथी पोर्टल का उपयोग करके 40 लाख से अधिक फर्जी कनेक्शनों की पहचान की गई है। इसके अलावा 36 लाख से अधिक कनेक्शन अब तक काटे जा चुके हैं।
आमतौर पर मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उनका पता लगाना कठिन हो जाता था। ऐसे में अब एक सिस्टम तैयार किया गया है, जो पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसके बाद चोरी का फोन देश में कहीं भी चलाना कठिन हो जाएगा।
कई बार मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसका आईएमईआई नंबर बदल दिया जाता था। ऐसे में इस क्लोन फोन को ट्रेक करना कठिन हो जाता था। लेकिन इस नए सिस्टम में क्लोन फोन को ढ़ूढने के लिए भी व्यवस्था की गई है।
सरकार ने पहले ही आईएमईआई नंबर का खुलासा करना जरूरी कर दिया है। यह 15 डिजिट का आईएमईआई नंबर बदल कर किसी भी नेटवर्क पर फोन चलाना अब कठिन होगा।

सरकार के इस नए ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए देशभर में लोग अपने गायब या चोरी हो चुके मोबाइल फोन को आसानी से ब्लॉक कर सकेंगे। सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र समेट कुछ टेलिकॉम सर्किलों में सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर सिस्टम को प्रायोगिक आधार पर चला रहा है।
एक अधिकारी के अनुसार अब इस सिस्टम को पूरे भारत में शुरू किया जा चुका है। इससे लोग अपने खोए हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक कर सकेंगे। क्लोन्ड मोबाइल फोन के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए इसमें नई खूबियां जोड़ी हैं। हालांकि उपाध्याय ने तारीख की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि यह टेक्नोलॉजी ऑल इंडिया लेवल पर लॉन्च के लिए तैयार है।
सीडॉट ने सभी दूरसंचार नेटवर्क पर क्लोन्ड मोबाइल फोन के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए इसमें नई खूबियां जोड़ी हैं। सरकार ने देश में मोबाइल डिवाइस की बिक्री से पहले 15 डिजिट के IMEI का खुलासा करना जरूरी कर दिया है।
मोबाइल नेटवर्क के पास मंजूर IMEI नंबरों की लिस्ट होगी। इससे उनके नेटवर्क में अनधिकृत मोबाइल फोन की एंट्री का पता लग सकेगा। टेलिकॉम ऑपरेटर्स और CEIR सिस्टम के पास डिवाइस के IMEI नंबर और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी होगी। कुछ राज्यों में इस सूचना का इस्तेमाल गुम या चोरी गए मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए किया जाएगा।
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications