Kotak Mahindra Bank Stock: अगर किसी बैंक का Profit बढ़े, Deposits बढ़ें, Loan Book लगातार मजबूत हो, Asset Quality सुधरे और RBI का बड़ा प्रतिबंध भी हट जाए, तो आमतौर पर उम्मीद की जाती है कि उस बैंक का शेयर भी शानदार प्रदर्शन करेगा। लेकिन Kotak Mahindra Bank की कहानी इससे बिल्कुल अलग है।

करीब 2.5 साल पहले बड़ी उम्मीदों के साथ बैंक की कमान संभालने वाले CEO Ashok Vaswani अब पद छोड़ने वाले हैं। उनके कार्यकाल में बैंक ने कई मुश्किल दौर देखे, लेकिन ऑपरेशनल स्तर पर खुद को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया। इसके बावजूद बैंक का शेयर निवेशकों को वैसा रिटर्न नहीं दे पाया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? और नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
2024 में संभाली Kotak की कमान
Ashok Vaswani ने जनवरी 2024 में Uday Kotak के बाद Kotak Mahindra Bank के CEO का पद संभाला था। उनके पास बैंकिंग इंडस्ट्री का 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह Barclays और Pagaya Technologies जैसी वैश्विक कंपनियों में अहम नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके थे। इसलिए बाजार को उम्मीद थी कि उनके नेतृत्व में Kotak Mahindra Bank नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। हालांकि, उनके कार्यकाल की शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण रही।
CEO बनते ही RBI का बड़ा एक्शन
अप्रैल 2024 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Kotak Mahindra Bank पर बड़ा प्रतिबंध लगा दिया। RBI ने बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नए ग्राहकों को जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी। केंद्रीय बैंक ने इसके पीछे बैंक के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म से जुड़ी सुपरवाइजरी चिंताओं को वजह बताया था। यह प्रतिबंध करीब 10 महीने तक जारी रहा। इस दौरान बैंक के डिजिटल विस्तार और क्रेडिट कार्ड बिजनेस पर सीधा असर पड़ा। नए ग्राहकों को जोड़ने की रफ्तार भी धीमी पड़ गई।
वेस्ट एशिया संकट ने भी बढ़ाई चिंता
RBI के प्रतिबंध के बाद बैंक को एक और चुनौती का सामना करना पड़ा। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध का असर वैश्विक बाजारों और अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा। बैंक ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि तत्काल कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं किया गया, लेकिन प्रबंधन ने संकेत दिया कि FY27 के दौरान मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
Bank की Balance Sheet पहले से ज्यादा मजबूत
चुनौतियों के बावजूद Ashok Vaswani के कार्यकाल में बैंक का परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा। FY24 के अंत में बैंक की कुल एसेट्स लगभग 3.76 लाख करोड़ रुपये थीं। FY25 के अंत तक यह बढ़कर 4.26 लाख करोड़ रुपये हो गईं। वहीं FY26 के अंत तक बैंक की लोन बुक करीब 4.96 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यानी सिर्फ दो वर्षों में बैंक की बैलेंस शीट में करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Loan Book में करीब 30% की ग्रोथ
FY24 से FY26 के बीच Kotak Mahindra Bank की एडवांसेज यानी Loan Book में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान Standard Chartered India के लगभग 3,330 करोड़ रुपये के Personal Loan Portfolio का अधिग्रहण भी बैंक के लिए फायदेमंद साबित हुआ, जिससे रिटेल लेंडिंग कारोबार को मजबूती मिली।
Deposits में भी शानदार बढ़ोतरी
बैंक ने केवल लोन बुक ही नहीं बढ़ाई बल्कि डिपॉजिट्स के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन किया। FY24 में बैंक के कुल डिपॉजिट्स लगभग 4.48 लाख करोड़ रुपये थे। FY26 तक यह बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गए। यानी दो वर्षों में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि ग्राहकों का बैंक पर भरोसा लगातार मजबूत बना रहा।
Net Profit में उतार-चढ़ाव
मुनाफे के मोर्चे पर कहानी थोड़ी अलग रही। मार्च 2024 तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4,133 करोड़ रुपये था। जून 2025 तिमाही तक यह बढ़कर 6,249 करोड़ रुपये पहुंच गया। लेकिन इसके बाद FY25 के अंत में नेट प्रॉफिट घटकर लगभग 3,551 करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण माइक्रोफाइनेंस (MFI) और अनसिक्योर्ड रिटेल लोन से जुड़े बड़े प्रावधान रहे। इसके अलावा RBI के टेक्नोलॉजी प्रतिबंध का असर भी बैंक की आय पर दिखाई दिया। हालांकि FY26 में स्थिति में सुधार देखने को मिला और नेट प्रॉफिट बढ़कर 4,026 करोड़ रुपये हो गया।
NII और Asset Quality में सुधार
FY26 में बैंक की Net Interest Income (NII) बढ़कर 7,875 करोड़ रुपये पहुंच गई। साथ ही बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई। FY24 में Gross NPA Ratio 1.39 प्रतिशत था, जो FY26 तक घटकर 1.20 प्रतिशत रह गया। इससे साफ है कि बैंक ने खराब कर्जों पर नियंत्रण बनाए रखा और जोखिम प्रबंधन को मजबूत किया।
Axis Securities ने क्या कहा?
ब्रोकरेज फर्म Axis Securities का मानना है कि Kotak Mahindra Bank का सबसे कठिन दौर अब पीछे छूट चुका है। ब्रोकरेज के मुताबिक बैंक ने आवश्यक "Heavy Lifting" पूरी कर ली है और अब वह अगले ग्रोथ फेज में प्रवेश करने की स्थिति में है।
Stock क्यों नहीं दौड़ा?
बैंक की बैलेंस शीट मजबूत हुई, एसेट क्वालिटी सुधरी, डिपॉजिट्स और लोन बुक दोनों में अच्छी वृद्धि हुई। इसके बावजूद शेयरधारकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिला। जनवरी 2024 से जून 2026 तक Kotak Mahindra Bank का शेयर करीब 10 प्रतिशत ही चढ़ पाया। इसी अवधि में ICICI Bank ने लगभग 40 प्रतिशत का रिटर्न दिया। HDFC Bank का प्रदर्शन भी करीब 5 प्रतिशत रहा, जबकि Federal Bank और South Indian Bank जैसे कई मिड-साइज प्राइवेट बैंकों ने 100 प्रतिशत से ज्यादा तक का रिटर्न दिया।
Premium Valuation भी बनी चुनौती
Kotak Mahindra Bank अभी भी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करता है। बैंक का Price-to-Earnings (P/E) Ratio करीब 21.4X है, जबकि Axis Bank, ICICI Bank और HDFC Bank जैसे प्रमुख बैंक लगभग 16X से 18X के बीच ट्रेड कर रहे हैं। यानी निवेशकों की अपेक्षाएं अभी भी काफी ऊंची हैं, जिसकी वजह से शेयर पर दबाव बना हुआ है।
नए CEO के सामने क्या चुनौती?
अब Kotak Mahindra Bank के सामने सबसे बड़ा सवाल नए CEO के चयन का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Paritosh Kashyap और Anup Saha इस पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। वहीं Nomura का अनुमान है कि सितंबर या अक्टूबर 2026 तक बोर्ड नए CEO के नाम की सिफारिश कर सकता है। नए CEO के सामने केवल बैंक का कारोबार बढ़ाने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि शेयरधारकों का भरोसा जीतना और बेहतर रिटर्न देना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
Ashok Vaswani का कार्यकाल आसान नहीं रहा। उन्होंने RBI के प्रतिबंध, वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बीच बैंक की बैलेंस शीट को मजबूत किया, लोन बुक और डिपॉजिट्स में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की और एसेट क्वालिटी में भी सुधार किया। हालांकि शेयर बाजार ने इस प्रदर्शन को उसी उत्साह से पुरस्कृत नहीं किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि Kotak Mahindra Bank का अगला CEO बैंक की मजबूत नींव को शेयरधारकों के बेहतर रिटर्न में बदल पाता है या नहीं। यही आने वाले वर्षों में बैंक की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।


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