नयी दिल्ली। एजुकेशन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए आपको बच्चों की बेहतर एजुकेशन के लिए समय रहते प्लान करने की जरूरत है। बच्चों की एजुकेशन के लिए पैसा जमा करने के लिए ढेर सारे ऑप्शन हैं। मगर इन सभी में कोई न कोई कमी रह जाती है। जैसे कहीं गारंटीड रिटर्न नहीं होगा तो कहीं मैच्योरिटी राशि पर टैक्स देना पड़ेगा। कुछ ऑप्शन ऐसे हैं जिनमें आप जो राशि निवेश करेंगे उसी पर टैक्स देना होगा। बहरहाल आप अपनी सुविधा के हिसाब से अच्छे से अच्छा ऑप्शन चुन सकते हैं, मगर कुछ चीजें ऐसी हैं जो आपको हर हाल में ध्यान रखनी होंगी। यहां हम ऐसे 5 बेस्ट टिप्स बताएंगे जो आपके बच्चों की एजुकेशन के लिए पैसे जमा करने के दौरान काफी काम आ सकते हैं।
जल्द से जल्द करें शुरुआत
आपको मालूम होना चाहिए कि आप जितनी जल्दी बच्चों के लिए पैसा निवेश करना शुरू करेंगे उतना ही बड़ा फंड तैयार कर सकेंगे। बच्चे की आयु 18 साल तक होने से पहले 20 लाख रु जमा करने के लिए आपको तब ही से बचत/निवेश शुरू करना होगा जब आप पैरेंट बनें। इससे आपको 20-22 साल का समय मिलेगा और इस लंबे समय में थोड़ी-थोड़ी जोड़ी गई रकम भी काफी अधिक हो चुकी होगी। इसके लिए पहले से प्लानिंग करें, जिससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि कितनी बचत करनी है।
लगातार निवेश करें
यदि आप अपने बच्चे की शिक्षा के लिए ठीक-ठाक पैसा जमा करना चाहते हैं तो निरंतरता जरूरी है। बाइक या कार खरीदने जैसे किसी टार्गेट खरीदने की तरह ही आपको अपने बच्चों की शिक्षा के लिए हर महीने योगदान देना होगा। आपको अपने निवेश के हिसाब से लाइफस्टाइल भी बदलना पड़ सकता है, तभी आप पर्याप्त बचत कर पाएंगे। दूसरी जरूरतों को आप थोड़ा आगे-पीछे कर सकते हैं, मगर बच्चों की शिक्षा के लिए ऐसा संभव नहीं है।
अपने निवेश में डायवर्सिफिकेशन लाएं
जैसे आप अपने सामान्य जनरल पर्सनल फाइनेंस पोर्टफोलियो के में डायवर्सिफिकेशन करते हैं वैसे ही बच्चों की शिक्षा के लिए पैसा जमा करते समय पोर्टफोलिया बनाएं और उसमें डायवर्सिफिकेशन लाएं। डायवर्सिफिकेशन का अर्थ है कि एक ही जगह सारा पैसा न लगा कर कई ऑप्शन मे जमा करें। पोर्टफोलियो बनाते समय देखें कि सबसे ऑप्शन क्या हो सकता है।
इंश्योरेंस प्रोडक्ट
इंश्योरेंस प्रोडक्ट में निवेश करना भी बच्चों की शिक्षा के लिए बचत करने में काफी मदद कर सकता है। बीमा पॉलिसियों पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है। हर साल आपको 1.5 लाख रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स कटौती का लाभ मिल सकता है।
नाबालिगों के लिए पीपीएफ
नाबालिगों के लिए पीपीएफ खाते से काफी मदद मिल सकती है। आप पीपीएफ खाता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी खोल सकते हैं। हालांकि आपके और नाबालिग बच्चे के पीपीएफ खाते में वार्षिक योगदान 1.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है। आप 15 साल बाद इसे और 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। यदि आप अपने बच्चे के लिए पीपीएफ खाता खोलें तो जब तक वह अपना कॉलेज या प्रोफेश्नल स्टडी शुरू नहीं करता तब तक आप निवेश जारी रख सकते हैं। जब बच्चा 18 साल का हो जाए तो आपको पीपीएफ अकाउंट उसी को ट्रांसफर करना होगा।
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