Foreign Exchange Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर से इजाफा देखने को मिला है। आरबीआई की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 12 जनवरी 2024 को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 1.63 बिलियन डॉलर के उछाल के साथ 618.93 बिलियन डॉलर हो गया है। इसके पहले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और यह 6 बिलियन डॉलर की कमी के साथ 617.30 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया था।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से से जारी आंकड़ों के मुताबिक 12 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने विदेशी मुद्रा भंडार में खूब बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान अपना भंडार 1.634 बिलियन डॉलर बढ़ गया। इससे पहले, 5 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का भंडार 5.89 अरब डॉलर घटा था। इस सप्ताह की बढ़ोतरी के बाद अब भारत का विदेशी मुदा भंडार 618.937 बिलियन डॉलर हो गया है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था।

रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां बढ़ी हैं। बीते 12 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 1.859 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब भारत का एफसीए भंडार 548.508 बिलियन डॉलर का हो गया है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.80 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 828,185 बिलियन डॉलर
- भारत: 618,937 बिलियन डॉलर
- रूस: 592,600 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (एफसीए) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
12 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के स्वर्ण भंडार में कमी हुई है। इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में 242 मिलियन डॉलर की कमी हुई है। अब भारत का गोल्ड रिजर्व 47.247 बिलियन डॉलर का रह गया है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 12 मिलियन डॉलर बढ़ कर 18.31 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे हुए देश के मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 6 मिलियन की बढ़ोतरी हुई है। अब यह बढ़कर 4.872 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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