Gold Silver Price Fall: पिछले कुछ दिनों में गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। दूसरे कारोबारी सत्र के दौरान बिकवाली का दबाव और बढ़ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने वाला अंतरिम समझौता (Interim Agreement) अब "Over" हो चुका है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने की आशंका तेज हो गई।

इस घटनाक्रम का असर Precious Metals पर भी पड़ा। बाजार में डॉलर मजबूत हुआ, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स बढ़ीं और निवेशकों ने गोल्ड-सिल्वर में प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। GoodReturns से खास बातचीत में फाइनेंशियल एक्सपर्ट Sharad Koli ने गोल्ड और सिल्वर की मौजूदा स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और निवेश रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
Gold और Silver में गिरावट क्यों आई?
Sharad Koli के अनुसार, हालिया गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे हैं।
- डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान
- ईरान-अमेरिका तनाव में नई बढ़ोतरी
- अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती
- बॉन्ड यील्ड्स का बढ़ना
- निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग
उनका कहना है कि जब जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ता है लेकिन किसी समझौते की उम्मीद खत्म होती है, तो कई बार निवेशक Safe Haven Assets में भी मुनाफावसूली करने लगते हैं।
हालांकि, कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है, जिससे गोल्ड को कुछ सपोर्ट भी मिला है।
क्या खत्म हो गया गोल्ड का Bull Run?
Sharad Koli का मानना है कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक यह लंबी तेजी के बाद आने वाला सामान्य Correction है।
उन्होंने कहा कि गोल्ड को ट्रेडिंग एसेट नहीं बल्कि Long Term Investment के रूप में देखना चाहिए।
उनके अनुसार अगले 2 से 5 वर्षों में गोल्ड नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है और ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर भी असंभव नहीं है।
क्यों Gold से ज्यादा रिटर्न दे सकता है Silver?
एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले वर्षों में सिल्वर, गोल्ड से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह Industrial Demand है।
सिल्वर की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि इसका इस्तेमाल इन सेक्टर्स में लगातार बढ़ रहा है-
- Artificial Intelligence (AI)
- Electric Vehicles (EV)
- Solar Panels
- Semiconductor Industry
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिल्वर में गोल्ड की तुलना में उतार-चढ़ाव (Volatility) काफी ज्यादा रहेगा।
De-Dollarization बन सकता है बड़ा गेम चेंजर
Sharad Koli के मुताबिक दुनिया धीरे-धीरे अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में बढ़ रही है। कई देशों के सेंट्रल बैंक लगातार गोल्ड खरीद रहे हैं।
अगर ईरान-अमेरिका जैसे जियो-पॉलिटिकल तनाव लंबे समय तक बने रहते हैं या De-Dollarization की प्रक्रिया तेज होती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा गोल्ड को मिल सकता है।
अभी Gold खरीदें या करें इंतजार?
एक्सपर्ट की सलाह है कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने की बजाय SIP या चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए।
इस रणनीति से बाजार में आने वाले Correction का फायदा मिलता है और गलत समय पर निवेश करने का जोखिम भी कम हो जाता है।
वहीं जिन लोगों को शादी या किसी व्यक्तिगत जरूरत के लिए गोल्ड खरीदना है, उनके लिए मौजूदा स्तर बेहतर अवसर साबित हो सकते हैं।
Portfolio में कितना Gold और Silver?
Sharad Koli का सुझाव है कि किसी भी निवेशक के कुल Portfolio का लगभग 20% हिस्सा Precious Metals में होना चाहिए।
इस 20% Allocation में:
- 60% Gold
- 40% Silver
रखा जा सकता है।
इसके अलावा Portfolio में Equity, Mutual Funds, Fixed Income और Real Estate जैसे अन्य Asset Classes में भी Diversification बनाए रखना जरूरी है।
Gold खरीदने का सबसे अच्छा तरीका?
अगर आपके पास सुरक्षित Storage की सुविधा है, तो Physical Gold एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
लेकिन यदि Storage की समस्या है, तो निवेशक इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं-
- Gold ETF
- Electronic Gold Receipt (EGR)
- Gold Mutual Funds
ये विकल्प सुरक्षित होने के साथ-साथ खरीदने और बेचने में भी आसान हैं।
Sharad Koli का मानना है कि लंबी अवधि में गोल्ड और सिल्वर दोनों का भविष्य मजबूत बना हुआ है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म में डोनाल्ड ट्रंप के बयान, ईरान-अमेरिका तनाव, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड्स, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और अन्य जियो-पॉलिटिकल घटनाओं के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ऐसे में निवेशकों को Panic Selling से बचना चाहिए, SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए और हमेशा एक Diversified Portfolio बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मौजूदा Correction एक अच्छा Buying Opportunity साबित हो सकता है।


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