नई दिल्ली, जनवरी 18। कच्चे तेल के दामों में एक दम से तेजी आई है। इस तेजी से कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दाम 7 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। ये तेजी यमन के हौथी समूह द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हमला करने के बाद आई है, जिससे ईरान के गठबंधन वाले समूह और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच टेंशन बढ़ गयी है, जिसका असर पूरे मध्यपूर्व पर पड़ सकता है। यूएई पर हुए हमले से तेल की सप्लाई में संभावित दिक्कत की चिंताओं के कारण तेल की कीमतें मंगलवार को सात साल से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गईं।

कहां पहुंचे दाम
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार एक एक्सपर्ट के मुताबिक नए तनाव ने पूरे बाजार में सख्ती के संकेत ला दिए हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 44 सेंट या 0.5 फीसदी बढ़कर 86.92 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो 87.00 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। ये 30 अक्टूबर 2014 के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्लूटीआई) क्रूड फ्यूचर्स शुक्रवार के स्तर से 81 सेंट या 1 प्रतिशत उछलकर 84.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ईंधन ट्रकों में विस्फोट
ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू करने के बाद, जिसमें ईंधन ट्रकों में विस्फोट हुआ और तीन लोग मारे गए, हौथी मूवमेंट ने चेतावनी दी कि यह और तेल संयंत्रों को टार्गेट कर सकता है। यूएई ने कहा है कि वह "इन आतंकवादी हमलों का जवाब देने" का अधिकार रखता है। यूएई की तेल फर्म एडीएनओसी ने कहा कि उसने अपने मुसाफेह फ्यूल डिपो में एक घटना के बाद अपने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजनेस कंटिन्यूटी प्लान्स को एक्टिव किया है।
एक और है कारण
कॉमसेक के विश्लेषकों ने कहा कि उत्तरी हेमिस्फेयर में सर्दियों के तापमान से तेल की कीमतों को सहारा मिल रहा था, जो हीटिंग फ्यूल की मांग को बढ़ा रहे थे। ये भी एक कारण है, तेल की कीमत में तेजी का।


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