नई दिल्ली। चीन में विनिर्माण की गतिविधियां फरवरी 2020 में लगभग ठप सी हो गई हैं। इसके चलते पीएमआई इंडेक्स रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़े में यह जानकारी सामने आई है। इन आंकड़े से स्पष्ट पता चलता है कि कोरोना वायरस की महामारी ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को महाविनाश पहुंचाया है। जो आंकड़े जारी हुए हैं, वह चीन के उद्योग-धंधों को वायरस से हो रहे नुकसान का पहला संकेत हैं।

मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 35.7 अंक पर आया
चीन की मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों की स्थिति बताने वाला मैन्यूफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) फरवरी 2020 में गिरकर 35.7 अंक पर आ गया। चीन ने 2005 से इस तरह के आंकड़े देना शुरू किया है। इसके अनुसार जारी ताजा आंकड़ा अब तक का सबसे निचला स्तर हैं। जनवरी में मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 50 पर थी। पीएमआई में इंडेक्स 50 से ऊपर रहने का मतलब यह होता है कि उद्योग का विकास हुआ। इंडेक्स 50 से नीचे रहने का मतलब है कि उद्योग में गिरावट आई। यह 50 से जितना नीचे या ऊपर होता है, उद्योग में उतनी ही अधिक गिरावट या विकास का पता चलता है। फरवरी के लिए यह पहला आधिकारिक आर्थिक संकेत है, जो बताता है कि दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं पर भी वायरस का बुरा असर हो सकता है।
नॉन मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई गिरकर 29.6 अंक पर
नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टक्स ने कहा कि वाहन और विशेष इक्विपमेंट उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं गैर मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र को और भी ज्यादा नुकसान हुआ है। एनबीएस ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ता उद्योगों की मांग में गिरावट आई है। इनमें वे उद्योग शामिल हैं, जिनमें लोग एक जगह पर एकत्र होते हैं। इनमें परिवहन, कैटरिंग, पर्यटन और आवासीय सेवा शामिल हैं। नॉन मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई फरवरी में गिरकर 29.6 पर आ गया, जो जनवरी में 54.1 पर था।
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