Paras Defence Stock Rally: भारतीय शेयर बाजार में Defence Sector एक बार फिर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसी का असर Paras Defence and Space Technologies के शेयर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के कारोबार के दौरान करीब 10% तक चढ़कर ₹1,439 के स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह है कि यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था जब शेयर में मजबूत तेजी दर्ज की गई। पिछले तीन कारोारी दिनों में Paras Defence के शेयर लगभग 28% चढ़ चुके हैं।

कंपनी का प्रदर्शन केवल हाल के कुछ दिनों तक सीमित नहीं है। पिछले छह महीनों में Paras Defence का शेयर करीब 120% की शानदार छलांग लगा चुका है, जिससे यह निवेशकों के लिए मल्टीबैगर स्टॉक साबित हुआ है। डिफेंस सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं और सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी उम्मीदों ने इस शेयर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
कारोबार में रिकॉर्ड दिलचस्पी
शुक्रवार को Paras Defence के शेयरों में भारी ट्रेडिंग गतिविधि देखने को मिली। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, दिनभर में करीब 68.39 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। इस दौरान कुल टर्नओवर लगभग ₹940 करोड़ रहा। इतनी बड़ी ट्रेडिंग वॉल्यूम यह संकेत देती है कि रिटेल और संस्थागत दोनों तरह के निवेशकों की इस शेयर में दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में डिफेंस सेक्टर को लेकर जो सकारात्मक माहौल बना है, उसका सीधा फायदा Paras Defence जैसी कंपनियों को मिल रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में घरेलू रक्षा उत्पादन और निर्यात में बढ़ोतरी से इन कंपनियों की कमाई में भी तेजी आएगी।
डिफेंस उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
Paras Defence के शेयरों में आई तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारत के रक्षा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष के ₹1.54 लाख करोड़ की तुलना में 15.6% अधिक है।
अगर पिछले पांच वर्षों का आंकड़ा देखा जाए तो यह उपलब्धि और भी बड़ी नजर आती है। वित्त वर्ष 2020-21 में भारत का रक्षा उत्पादन केवल ₹84,643 करोड़ था। वहां से बढ़कर अब यह ₹1.78 लाख करोड़ हो गया है, यानी करीब 110% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि भारत तेजी से रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निजी कंपनियों को मिल रहा बड़ा मौका
रक्षा मंत्रालय के अनुसार कुल रक्षा उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का योगदान अभी भी सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल उत्पादन का लगभग 76% हिस्सा सरकारी कंपनियों से आया। हालांकि निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।
निजी कंपनियों का उत्पादन बढ़कर लगभग ₹42,000 करोड़ तक पहुंच गया है और उनकी हिस्सेदारी 24% हो गई है। यही वजह है कि Paras Defence, Data Patterns, Bharat Forge और अन्य निजी रक्षा कंपनियों के प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है। सरकार द्वारा घरेलू कंपनियों को अधिक अवसर देने की नीति भविष्य में इन कंपनियों के लिए नए विकास के रास्ते खोल सकती है।
Defence Export में भी नया रिकॉर्ड
रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी का असर निर्यात पर भी दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत पहल और घरेलू रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने वाली नीतियों का परिणाम है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई देशों को रक्षा उपकरण और सैन्य तकनीक की आपूर्ति शुरू की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रफ्तार बनी रहती है तो भारत आने वाले समय में वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
सरकार का फोकस बढ़ा रहा भरोसा
रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में कहा कि भारत दुनिया की सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक का निर्माण कर रहा है। सरकार ने सीमा सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी क्षमताओं और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति ने भारत की सुरक्षा रणनीति को नई मजबूती दी है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देने से सेना की आधुनिक क्षमताओं में भी बड़ा सुधार हुआ है।
विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा
Paras Defence में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बढ़ती हिस्सेदारी भी सकारात्मक संकेत दे रही है। बाजार में व्यापक बिकवाली के बावजूद कंपनी में FII होल्डिंग 3.46% से बढ़कर 5.06% हो गई है। यह दर्शाता है कि विदेशी निवेशक भी कंपनी की भविष्य की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं।
क्या कह रहे हैं Expert?
Helios Capital India का मानें तो भारतीय डिफेंस सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं बेहद मजबूत हैं। भारत की तीनों सेनाओं को तकनीकी रूप से लगातार आधुनिक बनाना आवश्यक है, जिसके कारण रक्षा खर्च में वृद्धि जारी रहेगी, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद दुनिया भर में रक्षा बजट बढ़े हैं। NATO देशों ने भी अपने रक्षा खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ऐसे माहौल में भारत कम लागत और मजबूत विनिर्माण क्षमता के कारण रक्षा उपकरणों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक सोर्सिंग हब बन सकता है।
कुल मिलाकर, Paras Defence की हालिया तेजी केवल एक शेयर की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से विकसित होते डिफेंस सेक्टर की तस्वीर भी पेश करती है। मजबूत सरकारी समर्थन, रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन, बढ़ते निर्यात और विदेशी निवेशकों के भरोसे के कारण यह सेक्टर आने वाले वर्षों में निवेशकों की नजरों में बना रह सकता है।


Click it and Unblock the Notifications