नयी दिल्ली। बजट पेश किये जाने में कुछ ही दिन बचे हैं। इससे पहले एसबीआई इकोनॉमिस्ट्स ने एक रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि आगामी केंद्रीय बजट 2021 सरकार को वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) से होने वाली ब्याज इनकम को टैक्स-फ्री करने पर विचार करना चाहिए। रिपोर्ट में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा जमा पर होने वाली ब्याज इनकम की टैक्स सीमा को बढ़ाए जाने का सुझाव दिया गया है। यानी अभी जितनी ब्याज इनकम पर टैक्स छूट मिलती है उसकी लिमिट बढ़ाई जानी चाहिए।
अभी क्या है नियम
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के पास वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बढ़िया योजना है। एससीएसएस के तहत वरिष्ठ नागरिक 15 लाख रुपये तक जमा कर सकता है। हालाँकि वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल है जो इस योजना की एक बड़ी खामी है। रिपोर्ट में इसी ब्याज इनकम को पूरी तरह से टैक्स फ्री बनाए जाने की बात कही गई है।
कब मिलती है टैक्स पर छूट
यदि किसी वित्त वर्ष में एससीएसएस से प्राप्त ब्याज इनकम 50,000 रुपये से अधिक हो तो कुल ब्याज इनकम पर टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) लगाया जाता है। हालाँकि यदि फॉर्म 15 जी / 15 एच जमा किया जाए तो ये टैक्स-फ्री रहती है। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की तरफ से बचत बैंक खाते, एफडी, आरडी खाते में जमा पर 50,000 रुपये तक की ब्याज राशि को 80 टीटीबी के तहत ब्याज की छूट मिलती है। यह सीमा 1 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है।
क्या है एससीएसएस
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम 60 साल से अधिक उम्र के भारतीय निवासियों के लिए खास सेविंग स्कीम है। कुछ मामलों में 50 से 60 साल के बीच के आयु के लोग भी इसमें निवेश कर सकते हैं। इस योजना से निवेशकों को रेगुलर इंटेरेस्ट इनकम के लिए बड़ा फंड तैयार करने की सुविधा मिलती है। इस जमा के लिए लॉक-इन पीरियड 5 साल है, लेकिन इस अवधि को एक बार 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। निवेश की अधिकतम सीमा प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपये है।
अभी कितना मिलता है ब्याज
इस समय एससीएसएस पर 7.4 फीसदी की ब्याज दर है, जो अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में अच्छी है। हालांकि पीपीएफ जैसी छोटी बचत योजनाएं पूरी तरह टैक्स फ्री रहती हैं। इनमें जमा राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा सब कुछ पूरी तरह टैक्स फ्री रहता है।
कैसे करें निवेश
अन्य सरकारी योजनाओं की तरह एससीएसएस में निवेश बैंकों या डाकघर के माध्यम से किया जा सकता है। एससीएसएस पर मिलने वाली ब्याज दर की समीक्षा वित्त मंत्रालय द्वारा हर तिमाही में की जाती है। इसमें समय-समय पर बदलाव भी होता है। एससीएसएस भी बैंक एफडी, पीएमवीवीवाई और पोस्ट ऑफिस एफडी की तरह ही एक कम जोखिम वाली योजना है। मगर इसे बैंक एफडी के मुकाबले ज्यादा बेहतर कहा जा सकता है, क्योंकि यहां रिटर्न अच्छा है। साथ ही सरकारी सुरक्षा भी है।
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