नयी दिल्ली। अगर आप सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल काफी इंतेजार के बाद बीएसएनएल ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से देश भर में 4जी सेवाओं को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले साल के अंत में सरकार ने दो सरकारी कंपनियों, बीएसएनएल और एमटीएनएल, के लिए लगभग 70,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दी थी। इस राहत पैकेज के सबसे बड़े हिस्से (29,937 करोड़ रुपये) को 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए कंपनी की तरफ से लाई गई स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के लिए रखा गया था। इस योजना का उद्देश्य वार्षिक वेतन बिल में 7,000 करोड़ रुपये बचाने का था। इससे हुआ ये कि 78,300 से अधिक बीएसएनएल और 14,378 एमटीएनएल के कर्मचारियों ने वीआरएस का विकल्प चुना, जिससे कंपनी के कर्मचारियों के मासिक खर्च में भारी कटौती हुई।
बीएसएनएल का 4जी प्लान
कंपनी ने उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में 50,000 और दिल्ली-मुंबई क्षेत्रों (एमटीएनएल) में लगभग 7,000 नई 4जी साइटों के लिए टेंडर निकाला है। इसके लिए कंपनी 8,697 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वेंडर्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 मई है और ये बोली 9 मई तक खोली जाएगी। बीएसएनएल लगभग 43,000 2जी और 3जी साइटों को भी 4जी में अपग्रेड करेगी, जिसकी कीमत 3,500 करोड़ रुपये से 4,000 करोड़ रुपये तक आएगी। 4जी आने के साथ ही बीएसएनएल जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसी दिग्गज कंपनियों से सीधे टक्कर लेगी।
ये होगा बोली का तरीका
बोली दस्तावेज के अनुसार तकनीकी और कमर्शियल तौर पर सबसे कम मूल्य की बोली लगाने वाली कंपनी (एल1) को पाँच ज़ोन में से किसी तीन का चयन करने का विकल्प दिया जाएगा, जिनके लिए बोली मांगी गई है। इसके बाद एल2 को बचे हुए 2 जोन में से कोई एक जोन चुनने का विकल्प दिया जाएगा। यदि एल2 इस ऑफर को अस्वीकार करे तो एल3 को यह ऑफर दिया जाएगा। बचा एक (पांचवा) जोन सरकारी कंपनी आईटीआई को दिया जाएगा।
बीएसएनएल की दूसरी योजना
4जी नेटवर्क के लिए पैसों का बंदोबस्त करने के लिए बीएसएनएल ने पहले ही सरकार को 15,000 करोड़ रुपये की संप्रभु गारंटी देने के लिए पत्र लिखा है, जिससे बीएसएनएल को बाजार से पैसे जुटाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह इस महीने बीएसएनएल को गारंटी प्रदान देगा। गारंटी सरकार के राहत पैकेज का हिस्सा है। वीआरएस के अलावा सरकार इन कंपनियों को 4जी स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन के लिए 23,814 करोड़ रुपये भी देगी। सरकार ने यह भी कहा है कि बीएसएनएल और एमटीएनएल अगले 4 सालों में जमीन जैसी संपत्तियों की बिक्री करके 38,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाएंगी।
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