Aaj ka mausam: मॉनसून तेजी से देश के कई हिस्सों में फैल रहा है। ऐसे में सोमवार को भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने भारी तबाही मचाई। महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क ठप हो गए, शहरों में बाढ़ आ गई और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुईं। इसके चलते अधिकारियों को कई राज्यों में मौसम की नई चेतावनी जारी करनी पड़ी। पुणे में बारिश से जुड़ी तीन और मौतें होने के बाद महाराष्ट्र इस संकट का केंद्र बन गया है। पिछले तीन-चार दिनों में राज्य में मरने वालों की कुल संख्या 13 हो गई है। हिमाचल प्रदेश में भी एक और मौत की खबर है। चंबा जिले में बारिश से प्रभावित सड़क पर एक 14 साल की लड़की की मौत हो गई, जब उसकी गाड़ी पर ऊपर से पत्थर (शूटिंग स्टोन) आ गिरा।

मुंबई में मौसम विज्ञान विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें 70-80 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी, मध्य और उत्तरी भारत के बड़े हिस्सों में मॉनसून का असर बना रहेगा। लगातार बारिश की वजह से सड़कें पानी में डूब गईं, सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और रेल, सड़क व हवाई यातायात ठप हो गया, जिससे देश की आर्थिक राजधानी की रफ्तार लगभग थम सी गई।
सबसे बड़ी दिक्कत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए बने 'मिसिंग लिंक' पर आई। मॉनसून की पहली बड़ी परीक्षा के दौरान यहां एक कंक्रीट का खंभा सड़क पर गिर गया। इसके अलावा कई जगहों पर जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) और बाढ़ की वजह से अधिकारियों को एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे के कुछ हिस्सों को बंद करना पड़ा।
IMD ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी। जम्मू-कश्मीर में, रात भर हुई लगातार बारिश से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे डोडा-किश्तवाड़ हाईवे को नुकसान पहुंचा और निर्माणाधीन 540 MW क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास भारी मशीनरी, ट्रक और उपकरण मलबे में दब गए। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे ने हाईवे को ब्लॉक कर दिया, जिससे अधिकारियों को ट्रैफिक रोकना पड़ा।
ओडिशा-झारखंड का मौसम
ओडिशा में पूरे राज्य में अलर्ट जारी रहा क्योंकि इस इलाके में बने डिप्रेशन के कारण लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश होती रही। IMD ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी और मछुआरों को 7 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर न जाने की सलाह दी। इस मौसम प्रणाली के कारण अगले चार दिनों में पड़ोसी राज्य झारखंड में भी भारी बारिश होने की उम्मीद है। मॉनसून के सक्रिय होने के बावजूद, झारखंड में इस सीजन में बारिश की 42 प्रतिशत कमी बनी हुई है।
दिल्ली-राजस्थान का मौसम
राजस्थान में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में पिछले 24 घंटों में 75 मिमी बारिश हुई। IMD ने पूरे हफ्ते पूर्वी राजस्थान में मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, दिल्ली भारी बारिश से तो बच गई, लेकिन उसे भीषण उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन नमी के उच्च स्तर के कारण "महसूस होने वाला" तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे बाहर का माहौल बेहद असहज हो गया।
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