8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद से ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आयोग का काम मौजूदा आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए सैलरी और पेंशन में जरूरी बदलावों की सिफारिश करना है।

वेतन आयोग की जिम्मेदारी सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं
अक्सर ऐसा माना जाता है कि वेतन आयोग का काम सिर्फ वेतन बढ़ाने का फॉर्मूला तय करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आयोग सैलरी के साथ-साथ कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं और खासतौर पर हेल्थ से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा करता है। यह योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके डिपेंडेंट्स को किफायती दरों पर हेल्थ सर्विस भी उपलब्ध कराती है।
CGHS क्या है और इसकी सीमाएं क्या हैं?
CGHS यानी Central Government Health Scheme एक पुरानी और प्रमुख स्वास्थ्य सेवा योजना है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को कम लागत पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसके तहत इलाज, जांच, अस्पताल में भर्ती और दवाएं जैसे लाभ मिलते हैं। हालांकि, यह योजना मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित है, जिससे ग्रामीण या दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लाभार्थी इसका पूरा फायदा नहीं उठा पाते।
CGHS को लेकर कर्मचारियों की पुरानी शिकायतें
कई वर्षों से कर्मचारियों की यह शिकायत रही है कि CGHS के तहत मिलने वाली सेवाएं सीमित हैं। न सिर्फ अस्पतालों की संख्या कम है, बल्कि कई बार दवाएं और जरूरी जांच सुविधाएं भी समय पर नहीं मिलतीं। साथ ही, इस योजना की पहुंच शहरों तक ही सीमित है, जिससे दूरदराज के कर्मचारी खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं।
पहले भी हुई है नई योजना की सिफारिश
6वें और 7वें वेतन आयोग ने भी CGHS की सीमाओं को देखते हुए एक नई हेल्थ इंश्योरेंस योजना लाने की सिफारिश की थी। 7वें वेतन आयोग ने सुझाव दिया था कि CGHS को अन्य योजनाओं जैसे CS(MA) और ECHS के साथ जोड़कर कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए।
नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की चर्चा
जनवरी 2025 में खबर आई थी कि स्वास्थ्य मंत्रालय CGHS को बंद करके एक इंश्योरेंस आधारित योजना लाने पर विचार कर रहा है। इसका नाम Central Government Employees and Pensioners Health Insurance Scheme (CGEPHIS) हो सकता है। यह योजना IRDAI से रजिस्टर्ड इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए चलाई जा सकती है। हालांकि, सरकार की तरफ से इस पर अभी तक कोई पक्की जानकारी नहीं दी गई है।
अब सबकी निगाहें 8वें वेतन आयोग पर
8वां वेतन आयोग अब जल्द ही अपना काम शुरू करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आयोग CGHS से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाल पाएगा या नहीं। कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस बार न केवल सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद है, बल्कि बेहतर और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाओं की भी आस है।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं अब केवल सैलरी तक सीमित नहीं हैं। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स चाहते हैं कि उनकी स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का भी स्थायी हल निकले। CGHS की सीमाओं को देखते हुए एक नई, आधुनिक और व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस योजना की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। अब यह आयोग इन समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है, यह आने वाले समय में साफ होगा।


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