भारतीय उपभोक्ताओं के मोबाइल डाटा को कथित तौर पर लीक करने के मामले में सरकार यूसी ब्राउजर की जांच कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस मामले में दोषी पाये जाने पर यूसी ब्राउजर को प्रतिबंधित किया जा सकता है। यूसी ब्राउजर चीन की चर्चित कंपनी अलीबाबा का ब्राउजर है जो कि इंटरनेट इस्तेमाल के काम आता है। इस ब्राउजर पर भारतीय उपभोक्ताओं से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप है।
बंद हो सकता है UC ब्राउजर
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार न्यूज यूसी ब्राउजर के खिलाफ शिकायतें हैं कि यह अपने भारतीय उपभोक्ताओं का मोबाइल डेटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है। ऐसी भी शिकायते हैं कि अगर उपभोक्ता इस ब्राउजर को अनइंस्टाल कर देता है या ब्राउजिंग डेटा मिटा भी देता है तो भी उपयोक्ता के डिवाइस के डीएनएस पर इसका नियंत्रण रहता है। अगर इस ब्राउजर पर लगे आरोपों की पुष्टि हो जाती है तो देश में इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।
कंपनी ने नोटिस मिलने से किया है इंकार
वहीं यूसी ब्राउजर का परिचालन करने वाली कंपनी यूसी वेब ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर कहा कि फिलहाल उसे सरकार से इस बारे में कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली है।
कंपनी भरोसा दिलाने का कर रही है प्रयास
कंपनी ने कहा- यूसी वेब में हम सुरक्षा व गोपनीयता को बहुत गंभीरता से लेते हैं। कंपनी अपने परिचालन वाले सभी क्षेत्रों में स्थानीय नियमों के अनुपालन के कठिन मेहनत करती है। कंपनी का कहना है कि वह ऐसा कोई काम नहीं करती जिससे उसके उपयोक्ताओं का भरोसा टूटे।
पेटीएम में अलीबाबा ने किया है निवेश
यूसी ब्राउजर अलीबाबा के मोबाइल कारोबार समूह का हिस्सा है। अलीबाबा ने भारत में पेटीएम व इसकी पैतृक कंपनी वन97 में काफी बड़ा निवेश किया है। इसके अलावा उसने स्नैपडील में भी बड़ा पैसा लगाया है।
गूगल के बाद सबसे ज्यादा यूज होता है यूसी
यूसी ब्राउजर ने पिछले साल दावा किया था कि भारत व इंडोनेशिया में उसके 10 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय उपयोक्ता हैं। एक रिर्पोट के अनुसार भारत में गूगल के क्रोम के बाद यूसी ब्राउजर दूसरा सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला ब्राउजर है।


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