जेपी ग्रुप समेत 6 बिल्डर्स के 17 हाउसिंग प्रोडेक्ट रद्द, खरीदार परेशान

नई दिल्ली। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) ने छह बिल्डरों की 17 परियोजनाओं की भवन योजना को रद्द कर दिया है। इसमें जेपी समूह भी शामिल है। प्राधिकरण के सूत्रों ने कहा कि भवन योजना को इसलिए रद्द किया गया है क्योंकि जो आपत्तियां जताई गई थीं, उन्हें बिल्डर दूर करने में विफल रहे हैं।

मंजूरी के लिए नहीं दिया नया प्लान

मंजूरी के लिए नहीं दिया नया प्लान

वाईईआईडीए (YEIDA) ने लेआउट प्लान को मंजूरी दे दी थी, लेकिन योजना विभाग ने इन 17 परियोजनाओं की भवन योजना को लेकर कुछ आपत्तियां जताई थीं। सूत्रों ने कहा कि बिल्डरों ने नया बिल्डिंग प्लान मंजूरी के लिए नहीं दिया है। ऐसे में प्राधिकरण ने इन 17 परियोजनाओं की योजना को रद्द करने का फैसला किया है।

नए सिरे से मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा

नए सिरे से मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा

सूत्रों ने कहा कि बिल्डरों को अब नए सिरे से बिल्डिंग प्लान को मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। सूत्रों ने कहा कि खरीदारों की शिकायतों तथा परियोजनाओं को पूरा करने में लंबे विलंब के मद्देनजर प्राधिकरण ग्राहकों का भरोसा कायम करने के लिए कई कदम उठा रहा है।

6 बिल्डरों के 17 प्रोजेक्ट्स कैंसिल

6 बिल्डरों के 17 प्रोजेक्ट्स कैंसिल

एनसीआर में यमुना एक्‍सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी ने छह बिल्‍डों के 17 प्रोजेक्‍टों को रद करने का फैसला किया है। अथॉरिटी का कहना है कि बेचने से पहले इनका ले-आउट अप्रूवल नहीं लेने के चलते ऐसा किया गया। इससे बड़ा नुकसान उन हजारों निवेशकों पर पड़ना तय है जो एक आशियाने की तलाश में इन प्रोजेक्‍टों में निवेश कर बैठे थे।

इन बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स हुए कैंसिल

इन बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स हुए कैंसिल

रद्द किए गए प्रोजेक्‍ट जेपी, गौड़ संस, अजनारा जैसे नामी-गिरामी रियल एस्‍टेट फर्मों से संबंधित हैं। उल्‍लेखनीय है कि जेपी समूह को 168 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे बनाने के बदले निर्माण शर्तों के मुताबिक नोएडा से लेकर आगरा तक पांच जगहों पर पांच-पांच सौ हेक्टेयर जमीन दी गई थी। इसी में से कुछ जमीन जेपी समूह ने कई बिल्‍डरों को बेच दी थी। माना जा रहा है कि इसके बाद इन्‍होंने प्रोजेक्‍ट तो लांच कर दिए लेकिन ले-आउट अप्रूवल प्‍लान नहीं लिया।

11 बिल्डर परियोजनाएं अकेल जेपी समूह की हैं

11 बिल्डर परियोजनाएं अकेल जेपी समूह की हैं

बताया जा रहा है कि रद्द हुए प्रोजेक्‍ट्स में से 11 बिल्डर परियोजनाएं अकेले जेपी समूह की हैं और बाकी छह अन्‍य रियल एस्‍टेट फर्मों के हैं। दरअसल ले-आउट अप्रूवल से पहले इससे संबंधित आपत्तियों का बिल्‍डरों को निस्‍तारण करना होता है। बिल्‍डरों को 2014-16 के दौरान ऐसा कराना जरूरी था लेकिन जब इन्‍होंने किसी तरह का कोई रिस्‍पांस नहीं दिया तो अथॉरिटी ने मामले की जांच की तो पता चला कि 17 प्रोजेक्‍टों का ले-आउट अप्रूवल नहीं है। लिहाजा इनको रद कर दिया गया।

निवेशकों की लगाई हुई रकम का अभी अनुमान नहीं है

निवेशकों की लगाई हुई रकम का अभी अनुमान नहीं है

हालांकि इन परियोजनाओं में वास्‍तविक रूप से कितने निवेशकों का पैसा लगा है, उसकी संख्‍या का अभी पुख्‍ता तौर पर आंकड़ा उपलब्‍ध नहीं है। हालांकि माना जा रहा है कि लाखों वर्ग मीटर की इन परियोजनाओं में हजारों की संख्‍या में निवेशकों का पैसा फंस सकता है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+