MSME के लिए खुला खजाना, हुई 20000 करोड़ रु के फंड की शुरुआत

नयी दिल्ली। कोरोनोवायरस लॉकडाउन से प्रभावित एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को इमरजेंसी क्रेडिट सहायता देने के लिए सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के स्ट्रेस्ड फंड की शुरुआत कर दी है। इस फंड से लगभग 2 लाख मध्यम और छोटे उद्यमियों को फायदा मिलने की संभावना है। सरकार ने इस क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर सबोर्डिनेट डेब्ट (सीजीएसएसडी) के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का ही हिस्सा है। सीजीएसएसडी शुरू करने का ऐलान एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से किया गया है। इस योजना में भी सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हिस्सा लेंगे।

loan for msme

क्या है सीजीएसएसडी का मकसद
इस योजना का उद्देश्य ऐसे समय में एमएसएमई को ग्रोथ क्षमता हासिल करने में मदद करना है जब वे इक्विटी और कम इनकम की गंभीर कमी का सामना कर रही हैं। इस योजना से कारोबार कर रही उन एमएसएमई के प्रमोटर्स को सहारा देने का प्रयास किया जाएगा जो दबाव में है और 30 अप्रैल 2020 तक एनपीए हो गई हैं। सीजीएसएसडी के जरिए एमएसएमई यूनिट के प्रमोटर्स को कंपनी में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी या 75 लाख रुपये (जो भी कम हो) के बराबर लोन दिया जाएगा।

क्या होगा नियम
नए मानदंडों के अनुसार इस योजना से उन एमएसएमई को सहारा मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2018 तक सही हालत में रहे हैं और उनका वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019 के दौरान नियमित संचालन किया गया है, फिर भले ही वे एनपीए कैटेगरी में ही क्यों न हो। प्रस्तावित योजना के तहत धोखाधड़ी / विलफुल डिफॉल्टर खातों पर विचार नहीं किया जाएगा।

एमएसएमई के लिए लोन सुविधा
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 6 अगस्त को आयोजित अपनी द्विमासिक मौद्रिक बैठक में 1 मार्च 2020 तक 25 करोड़ रुपये तक के लोन वाली एमएसएमई को लोन के पुनर्गठन के प्रावधान के विस्तार की भी घोषणा की थी।

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