उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए आत्म निर्भर बन रही हैं। इस बार केदारनाथ यात्रा के दौरान एसएचजी से जुड़ी महिलाओं ने कुल मिलाकर 70 लाख रुपए से अधिक का कारोबार। रविवार को रूद्र प्रयाग पहुंचे सीएम धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि महाप्रसाद के उत्पादन के क्षेत्र में महिलाएं अहम रोल अदा रही हैं।
सीएम धामी ने रविवार (28 जनवरी) को रुद्रप्रयाग में रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर की ओर से लगे स्टॉल पर शिल्पकार के उद्यमियों एवं स्वास्तिक स्वयं सहायता की महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्टोन पेन्टिंग संस्थाओं से उनके कार्यों को बारे में जाना।

रूद्र प्रयाग में सीएम ने प्राचीन देवल से अगस्त्यमुनि के खेल मैदान तक रोड शो कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न महिला समूहों के साथ विभिन्न क्रियाकलाप कर स्थानीय संस्कृति को जाना। इस दौरान सीएम ने शक्ति वंदन महोत्सव में आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग का प्रदर्शन देखा। इसके अलावा सीएम धामी ने उन्नती क्लस्टर संगठन, कालीमठ कोटमा की महिलाओं के स्टॉल पर कताई एवं बुनाई कला के प्रोडक्ट्स का भी निरीक्षण किया।
रविवार को रूद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्राचीन देवल से अगस्त्यमुनि के खेल मैदान तक आयोजित विशाल रोड शो कार्यक्रम शामिल हुए। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि वो त्योहारों के समय अपनी माता जी के साथ स्थानीय पकवान बनाने में खूब सहयोग करते थे। सिलबट्टे पर कई बार अपनी माता जी के साथ मिलकर नमक भी पीसा है। आटा गूंथने से लेकर जंगल में घास काटने तक में उन्होंने हमेशा हाथ बंटाया।
महिलाओं ने किया 70 लाख का कारोबार
इस बार केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने पिछले वर्ष यात्रा के दौरान 70 लाख रुपए से ज्यादा का व्यापार किया था। केवल चोलाई के प्रसाद से लगभग 65 लाख रूपए का कारोबार हुा। जबकि स्थानीय स्तर पर निर्मित हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि से करीब पांच लाख रुपये की कमाई महिलाओं ने की।


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