Haryana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहती है। राज्य सरकार हमेशा से गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजारने वाले अंत्योदय परिवारों के कल्याण के लिए जरूरी कदम उठाती रही है।
जैसे हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित कर चुकी है कि अगर प्रदेश के किसी बीपीएल राशन कार्डधारियों का बिजली बिल ज्यादा आता है, लेकिन उस परिवार की सालाना आमदनी 1.80 लाख से कम है तो उसे बीपीएल कार्ड के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित नहीं किया जाता।

गरीब परिवारों के लिए वरदान है हरियाणा सरकार का ये कदम
कुछ महीने पहले हरियाणा में अगर किसी बीपीएल लाभार्थी परिवार का बिजली बिल एक साल में 12 हजार रुपये से अधिक आ जाता था, तो उसे गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली सुविधाओं के फायदे से दूर होना पड़ता था। सिर्फ बिजली खपत की वजह से उन्हें सालाना 1.80 आय से ऊपर के श्रेणी में रखा जाता था। लेकिन, राज्य सरकार ने इस नियम में बदलाव करके लाखों गरीब परिवारों के जीवन को और सुगम बनाने का काम किया है।

ज्यादा खपत की वजह से नहीं, बकाए की वजह से बढ़ जाता था बिल
ऐसा नहीं है कि ऐसे परिवार हर महीने 1,000 रुपए से ज्यादा बिजली की खपत करते थे। दरअसल, हरियाणा सरकार ने एक सर्वे कराया तो पता चला कि समय पर भुगतान नहीं कर पाने और बकाए बिल पर पेनाल्टी की रकम की वजह से बिल इतना ज्यादा हो जाता था। कुछ मामलों में गरीब परिवार अपनी आवश्यकताओं के लिए बैटरियां रिचार्ज करते थे, उससे भी ज्यादा बिल आता था।

मजबूरी में बढ़ जाता था गरीबों का बिजली बिल
तब जाकर एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते सरकार ने ऐसे परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया। सरकार को पता चला कि दरअसल, ऐसे परिवार बिजली की खपत तो ज्यादा नहीं करते, लेकिन बकाए के बोझ की वजह से उनका बिल ज्यादा आता है और समय पर भुगतान नहीं कर पाने की वजह से उनकी बिजली कट जाती है।

पहले राज्य सरकार ने 1.20 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी वाले बीपीएल राशन कार्डधारी परिवारों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की हुई थी। जिसे बाद में गरीबों के हित में बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए कर दिया गया था।

हरियाणा सरकार पिछले साल के आखिर से ऐसे परिवारों को हर महीने 2 लीटर सरसों तेल देने की भी व्यवस्था की हुई है। एक गरीब परिवार ही समझ सकता है कि हर महीने 2 लीटर सरसों तेल मुफ्त में उपलब्ध हो जाने के मायने क्या हैं।
जनता के प्रति समर्पित सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह समाज के हर वर्ग के प्रति अपना कर्तव्य निभाए। लेकिन, जब बात समाज के अंतिम कतार में बैठे लोगों की आती है तो जनहित में सोचने वाली किसी भी सरकार का उत्तरदायित्व और बढ़ जाता है।
More From GoodReturns

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट: 1 सितंबर को जानें अपने शहर में 22K और 24K के ताजा रेट

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

आज 31 अगस्त को सोने के दाम स्थिर, खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

EPFO Enrollment Campaign 2026: पीएफ से छूटे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

Gold Price 2 सितंबर को सोने-चांदी के भाव में स्थिरता, क्या आज खरीदारी करना है फायदे का सौदा? जानें ताजा रेट

3 सितंबर को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही फैसला है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को बंद रहेगा शेयर बाजार, NSE-BSE की छुट्टी से ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

GST कलेक्शन का धमाका: ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा, इन सेक्टर्स में मचेगी हलचल!



Click it and Unblock the Notifications
